फ्लाईदुबई विमान में हुए खौफनाक घटनाक्रम के दौरान अपनी सूझबूझ और साहस से बड़ी अनहोनी टालने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बातचीत की। प्रधानमंत्री ने कैप्टन मच्छार से घटना के बारे में जानकारी ली और मुश्किल परिस्थिति में उनके साहस तथा धैर्य की सराहना की। बातचीत के दौरान कैप्टन ने उस घटना से जुड़े अपने अनुभव साझा किए और बताया कि संकट के समय उन्होंने किस तरह खुद को संभाला।
पीएम मोदी ने जाना कैप्टन का हाल
प्रधानमंत्री से बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित मच्छार ने विमान के अंदर पैदा हुई गंभीर स्थिति के बारे में जानकारी दी। उन्होंने उस दौरान सामने आई चुनौतियों और उन्हें संभालने के अपने अनुभव के बारे में बताया। प्रधानमंत्री ने उनकी बहादुरी की प्रशंसा करते हुए जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
कैप्टन मच्छार इस समय उपचार और स्वास्थ्य लाभ की प्रक्रिया से गुजर रहे हैं। घटना में उन्हें गंभीर चोटें आई थीं, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने विमान और उसमें सवार यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इलाज के लिए उन्हें सऊदी अरब से संयुक्त अरब अमीरात ले जाया गया है और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
कॉकपिट में हुआ था गंभीर हमला
फ्लाईदुबई की उड़ान दुबई से तेल अवीव जा रही थी। उड़ान के दौरान कॉकपिट में कैप्टन और को-पायलट के बीच गंभीर घटनाक्रम हुआ। आरोप है कि को-पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला किया, जिसके बाद विमान की सुरक्षा को लेकर स्थिति बेहद चिंताजनक हो गई।
गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने हिम्मत नहीं छोड़ी। उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की, जिसके बाद विमान में मौजूद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को हमलावर को काबू करने का मौका मिला। इसके बाद विमान को आपात स्थिति में सऊदी अरब के तबुक में उतारा गया। इस घटनाक्रम में विमान में सवार लोगों की जान बचाने में कैप्टन की भूमिका महत्वपूर्ण रही।
पहले भी पीएम ने की थी बहादुरी की तारीफ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इससे पहले भी कैप्टन मच्छार के साहस की सार्वजनिक रूप से प्रशंसा कर चुके हैं। उन्होंने कहा था कि गंभीर खतरे और चोट के बावजूद कैप्टन ने दूसरों की जान बचाने के लिए असाधारण साहस और दृढ़ता दिखाई। प्रधानमंत्री ने उनके जल्द स्वस्थ होने और अच्छे स्वास्थ्य की कामना भी की थी।
इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में भी कैप्टन मच्छार के साहस का उल्लेख करते हुए कहा था कि उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना संकट का सामना किया और एक बड़ी त्रासदी को टालने में अहम भूमिका निभाई।
जांच अभी जारी
विमान में हुई घटना को लेकर जांच अभी जारी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कॉकपिट में हमला किस वजह से हुआ और इसके पीछे क्या कारण थे। फिलहाल घटना से जुड़े कई पहलुओं की जांच की जा रही है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
इस बीच कैप्टन स्मित मच्छार के साहस की देश-विदेश में सराहना हो रही है। प्रधानमंत्री से उनकी बातचीत को भी उनके स्वास्थ्य और मनोबल के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। देशभर से उनके जल्द स्वस्थ होकर वापस लौटने की शुभकामनाएं दी जा रही हैं।

