दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के समूह G20 की व्यापार मंत्रियों की बैठक में वैश्विक व्यापार से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई, लेकिन औद्योगिक क्षेत्र में जरूरत से ज्यादा उत्पादन यानी ओवरकैपेसिटी को लेकर सदस्य देशों के बीच आम सहमति नहीं बन सकी। अमेरिका ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि जरूरत से अधिक उत्पादन और कम कीमत वाले सामान की बढ़ती आपूर्ति से कई देशों के घरेलू उद्योग प्रभावित हो रहे हैं। हालांकि, बैठक में इस समस्या से निपटने के लिए कोई साझा कार्ययोजना तय नहीं हो पाई।
ओवरप्रोडक्शन बना अहम मुद्दा
मिल्वॉकी में हुई बैठक के दौरान अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर ने औद्योगिक ओवरकैपेसिटी को वैश्विक व्यापार के लिए गंभीर चुनौती बताया। अमेरिकी पक्ष का कहना है कि कुछ देशों में घरेलू मांग की तुलना में उत्पादन काफी अधिक है, जिसके कारण अतिरिक्त सामान अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कम कीमत पर पहुंचता है।
अमेरिका विशेष रूप से चीन की औद्योगिक नीतियों और उत्पादन क्षमता को लेकर सवाल उठाता रहा है। स्टील के अलावा ऑटोमोबाइल, बैटरी, सेमीकंडक्टर और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में भी जरूरत से ज्यादा उत्पादन को लेकर चिंताएं जताई गई हैं। हालांकि, चीन इन आरोपों को स्वीकार नहीं करता और इस मुद्दे पर देशों के बीच मतभेद बने हुए हैं।
सभी देश चिंता से सहमत, लेकिन समाधान पर मतभेद
बैठक के बाद अमेरिकी प्रतिनिधि ने कहा कि लगभग सभी देशों ने इस बात को स्वीकार किया कि अतिरिक्त औद्योगिक क्षमता एक ऐसा विषय है जिस पर कार्रवाई की जरूरत है। लेकिन समस्या से निपटने के तरीके और व्यापारिक उपायों को लेकर व्यापक सहमति नहीं बन सकी।
इसका मतलब यह है कि G20 के सदस्य देश समस्या को लेकर चिंता साझा करते हैं, लेकिन उत्पादन क्षमता, सब्सिडी, आयात शुल्क और बाजार में प्रतिस्पर्धा जैसे मुद्दों पर उनके विचार अलग-अलग हैं। ऐसे में किसी साझा नीति तक पहुंचना आसान नहीं रहा।
स्टील उत्पादन पर अलग से बनी रूपरेखा
हालांकि G20 की व्यापक व्यापार वार्ता में औद्योगिक ओवरकैपेसिटी पर सहमति नहीं बनी, लेकिन स्टील क्षेत्र को लेकर अलग मंच पर एक रूपरेखा पर सहमति बनने की जानकारी सामने आई है। इसमें वैश्विक स्तर पर स्टील की अतिरिक्त उत्पादन क्षमता और उससे पैदा होने वाले बाजार असंतुलन से निपटने के लिए संयुक्त कदमों की बात कही गई है।
अमेरिका-कनाडा व्यापार तनाव भी चर्चा में
बैठक के दौरान अमेरिका और कनाडा के बीच चल रहा व्यापार विवाद भी महत्वपूर्ण मुद्दा रहा। दोनों देशों के बीच टैरिफ को लेकर तनाव बढ़ा हुआ है। अमेरिका की ओर से कनाडाई वस्तुओं पर अतिरिक्त शुल्क लगाए गए हैं, जिसके जवाब में कनाडा ने भी कदम उठाए हैं। इस विवाद का असर दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों पर पड़ रहा है।
वैश्विक व्यापार व्यवस्था में बदलाव की कोशिश
G20 बैठक में जबरन श्रम, खाद्य व्यापार पर दबाव, औद्योगिक उत्पादन और विश्व व्यापार व्यवस्था से जुड़े नियमों पर भी चर्चा हुई। अमेरिकी पक्ष ने मौजूदा वैश्विक व्यापार नियमों में बदलाव की आवश्यकता पर जोर दिया, जबकि कई देशों ने अपने-अपने आर्थिक हितों और घरेलू उद्योगों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दे उठाए।
बैठक के नतीजों से स्पष्ट है कि वैश्विक व्यापार व्यवस्था में कई बड़े मतभेद अभी भी मौजूद हैं। औद्योगिक ओवरप्रोडक्शन, टैरिफ और बाजार प्रतिस्पर्धा जैसे मुद्दों पर आने वाले समय में भी G20 देशों के बीच बातचीत जारी रहने की संभावना है।

