3 Oct 2026, Sat

SIR पर बवाल के बीच ECI का बड़ा फैसला, 20 राज्यों में Voter List में छूटे वोटर्स जोड़े जाएंगे, जानें पूरी डिटेल्स

नई दिल्ली: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर जारी चर्चा के बीच चुनाव आयोग ने छूटे हुए योग्य मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए बड़ा कदम उठाया है। आयोग ने उन 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं, जहां SIR की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इस अभियान में उन लोगों पर खास ध्यान दिया जाएगा, जिनका नाम पहले की मतदाता सूची में था, लेकिन संशोधित सूची में नहीं है। इसके साथ ही पहली बार वोट देने वाले और नए पात्र युवाओं को भी मतदाता सूची में शामिल करने की प्रक्रिया को तेज किया जाएगा।

घर-घर जाकर होगी मतदाताओं की पहचान

निर्देश के मुताबिक बूथ लेवल अधिकारियों यानी BLO को SIR से पहले की मतदाता सूची और मौजूदा सूची की तुलना करनी होगी। इस मिलान के जरिए ऐसे मतदाताओं की पहचान की जाएगी, जिनके नाम पहले दर्ज थे लेकिन अब मौजूदा सूची में दिखाई नहीं दे रहे हैं।

इसके बाद अधिकारियों को चिन्हित मतदाताओं के घर जाकर उनकी मौजूदा स्थिति की जानकारी लेने और पात्र पाए जाने पर दोबारा नाम दर्ज कराने में मदद करने को कहा गया है। अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि अभियान के दौरान कोई अन्य पात्र व्यक्ति, खासकर युवा या पहली बार मतदान करने वाला व्यक्ति, मतदाता सूची में शामिल होने से न छूटे।

Form 6 के जरिए जुड़ेंगे नाम

छूटे हुए योग्य मतदाताओं और पहली बार वोटर बनने वाले लोगों के लिए वैधानिक Form 6 के जरिए नाम शामिल करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। मतदाता सूची में नाम जोड़ना लगातार चलने वाली प्रक्रिया है, इसलिए SIR के दौरान नाम दर्ज नहीं हो पाने वाले पात्र नागरिक बाद में भी आवेदन कर सकते हैं।

चुनाव अधिकारियों को इस प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए बूथ स्तर पर विशेष कैंप आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके अलावा जरूरतमंद वर्गों, श्रमिक बस्तियों, रैन बसेरों और बेघर लोगों तक भी पहुंच बनाने पर जोर दिया गया है, ताकि पात्र नागरिक मतदाता सूची से बाहर न रहें।

करीब एक महीने में अभियान पूरा करने का लक्ष्य

निर्देशों के तहत BLO को हर सप्ताह चिन्हित मतदाताओं के एक निर्धारित समूह का सत्यापन करने और उनके आवेदन की स्थिति दर्ज करने को कहा गया है। अधिकारियों को अभियान की प्रगति पर नियमित नजर रखने की जिम्मेदारी भी दी गई है। जिला स्तर से लेकर राज्य स्तर तक अधिकारी इसकी समीक्षा करेंगे।

नए वोटरों पर भी रहेगा फोकस

इस विशेष अभियान का दायरा केवल उन लोगों तक सीमित नहीं है जिनके नाम पहले की सूची से हट गए हैं। 18 वर्ष की उम्र पूरी कर चुके नए मतदाताओं और ऐसे युवाओं को भी इसमें शामिल किया जाएगा, जो अब तक मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज नहीं करा पाए हैं।

चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि योग्य नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल होने का अवसर मिलना चाहिए। ऐसे में SIR के बाद शुरू किया जा रहा यह अभियान संशोधित मतदाता सूची में छूटे नामों की पहचान करने और पात्र लोगों को दोबारा या पहली बार मतदाता सूची में शामिल कराने पर केंद्रित रहेगा।

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