3 Oct 2026, Sat

तमिलनाडु की महिलाओं को CM विजय का तोहफा, बसों में मुफ्त सफर की योजना का किया विस्तार

चेन्नई: तमिलनाडु सरकार ने महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा की सुविधा देने वाली ‘वेत्री पयनम’ योजना का विस्तार कर दिया है। गांधी जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने इस विस्तारित योजना की शुरुआत की। सरकार के अनुसार, योजना के नए स्वरूप से राज्य की रोजाना 84 लाख से अधिक महिलाओं को लाभ मिलने की उम्मीद है। अब पात्र महिलाएं केवल सामान्य बसों तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि डीलक्स और एक्सप्रेस श्रेणी की बसों में भी मुफ्त यात्रा कर सकेंगी।

मुफ्त यात्रा के दायरे में हुआ विस्तार

सरकार की ओर से बताया गया है कि योजना के विस्तार का उद्देश्य महिलाओं के लिए सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुलभ बनाना है। नए प्रावधान के तहत महिलाओं को डीलक्स और एक्सप्रेस बसों में यात्रा करने की सुविधा मिलेगी। इससे उन यात्रियों को विशेष फायदा हो सकता है जिन्हें काम, शिक्षा, कारोबार या अन्य जरूरी कार्यों के लिए रोजाना अलग-अलग इलाकों में आना-जाना पड़ता है।

योजना के तहत मुफ्त यात्रा का लाभ लेने के लिए महिलाओं के लिए किसी तरह की आय सीमा निर्धारित नहीं की गई है। यानी आर्थिक स्थिति के आधार पर अलग-अलग श्रेणी बनाने के बजाय सभी पात्र महिलाओं को इसका लाभ दिया जाएगा।

रोजाना यात्राओं की संख्या पर भी रोक नहीं

‘वेत्री पयनम’ योजना की एक खास बात यह है कि इसमें महिलाओं की रोजाना यात्रा की संख्या पर कोई सीमा नहीं रखी गई है। इसका मतलब है कि लाभार्थी अपनी जरूरत के अनुसार दिन में कई बार बस से सफर कर सकती हैं। सरकार का मानना है कि इससे नियमित रूप से सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने वाली महिलाओं को आर्थिक राहत मिल सकती है।

मुफ्त बस यात्रा की सुविधा खास तौर पर उन महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है जो नौकरी, छोटे कारोबार, घरेलू कामकाज या अन्य जरूरी गतिविधियों के लिए सार्वजनिक परिवहन पर निर्भर रहती हैं। रोजाना यात्रा पर होने वाला खर्च कम होने से उनके घरेलू बजट पर भी असर पड़ सकता है।

योजना के नाम का भी खास मतलब

‘वेत्री पयनम’ नाम का अर्थ ‘विजयी यात्रा’ बताया गया है। इस योजना को महिलाओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है और इसके विस्तार के साथ इसका दायरा पहले की तुलना में बढ़ाया गया है। सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य महिलाओं की आवाजाही को आसान बनाना और सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल को बढ़ावा देना है।

84 लाख से ज्यादा महिलाओं को फायदा

सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, योजना के विस्तारित स्वरूप से प्रतिदिन 84 लाख से अधिक महिलाओं को लाभ मिल सकता है। डीलक्स और एक्सप्रेस बसों को दायरे में शामिल किए जाने से यात्रा के विकल्प भी बढ़ेंगे।

मुख्यमंत्री ने योजना की शुरुआत के दौरान बस में सफर कर रही महिलाओं से मुलाकात भी की और उनसे बातचीत की। सरकार की ओर से इसे महिला-केंद्रित सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया गया है। योजना के विस्तार के बाद अब इसका असर महिलाओं की दैनिक आवाजाही और यात्रा खर्च पर कितना पड़ता है, इस पर भी नजर रहेगी।

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