3 Oct 2026, Sat

फ्लाईदुबई विमान कांड में ईरान का कनेक्शन? ट्रंप बोले- “उन्हें बहुत कड़ी मार पड़ेगी”

फ्लाईदुबई की इजरायल जा रही एक यात्री उड़ान में हुए गंभीर कॉकपिट हमले के बाद मामले की जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि विमान के को-पायलट के ईरान से संभावित संबंधों की जांच की जा रही है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई ठोस सबूत सार्वजनिक नहीं किया गया है और जांच एजेंसियां मामले की पूरी कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं।

ट्रंप ने ईरान से संभावित कनेक्शन पर क्या कहा?

व्हाइट हाउस में पत्रकारों ने ट्रंप से पूछा कि क्या उन्हें फ्लाईदुबई विमान में हुई घटना से जुड़े को-पायलट और ईरान के बीच संभावित संबंधों के बारे में जानकारी मिली है। ट्रंप ने कहा कि मामले पर काम चल रहा है। जब उनसे सीधे पूछा गया कि क्या को-पायलट का ईरान से संबंध हो सकता है, तो उन्होंने उपलब्ध जानकारी के आधार पर इसकी संभावना से इनकार नहीं किया।

हालांकि, ट्रंप ने इस दावे के समर्थन में कोई विस्तृत जानकारी या खुफिया सबूत सार्वजनिक नहीं किया। इसलिए फिलहाल ईरान कनेक्शन को जांच का विषय ही माना जा रहा है। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी कहा है कि इस स्तर पर को-पायलट के ईरान से संबंध की पुष्टि करना जल्दबाजी होगी।

ईरान के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी

ट्रंप से जब पूछा गया कि अगर जांच में ईरान की भूमिका सामने आती है तो क्या अमेरिका तेहरान के खिलाफ कार्रवाई करेगा, तो उन्होंने बेहद कड़ा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि अगर ईरान इस घटना के पीछे पाया गया तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।

ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब विमान घटना को लेकर कई देशों की एजेंसियां अलग-अलग पहलुओं की जांच कर रही हैं। अधिकारियों का मुख्य फोकस को-पायलट के मकसद, उसकी पृष्ठभूमि और किसी बाहरी संगठन या देश से संभावित संपर्क का पता लगाने पर है।

उड़ान में आखिर हुआ क्या था?

30 सितंबर को फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी। विमान में 170 से अधिक लोग सवार थे। उड़ान के दौरान ओमानी को-पायलट ने कथित तौर पर भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला कर दिया। इसके बाद विमान अचानक हजारों फीट नीचे जाने लगा और स्थिति बेहद गंभीर हो गई।

घायल होने के बावजूद कैप्टन ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की, जिसके बाद यात्रियों ने अंदर पहुंचकर हमलावर को काबू किया। विमान को बाद में सऊदी अरब के तबुक में आपातकालीन लैंडिंग कराई गई। इस दौरान यात्रियों और चालक दल की तत्परता से एक बड़ी विमान दुर्घटना टल गई।

जांच में सामने आ रहे कई पहलू

घटना के बाद को-पायलट की विचारधारा और ऑनलाइन गतिविधियों को लेकर भी दावे सामने आए हैं। इजरायली अधिकारियों ने उसके कथित कट्टरपंथी विचारों की जांच किए जाने की बात कही है। वहीं, ईरान से संभावित संपर्क की बात अभी पुष्टि के स्तर पर नहीं पहुंची है।

सऊदी अरब में प्रारंभिक जांच के बाद को-पायलट को संयुक्त अरब अमीरात को सौंप दिया गया है। अब आगे की जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हमला व्यक्तिगत वजह से हुआ, किसी विचारधारा से प्रभावित था या इसके पीछे कोई संगठित साजिश थी। जांच पूरी होने के बाद ही घटना के वास्तविक मकसद और संभावित अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *