घरेलू शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला लगातार जारी है। बुधवार को भी भारतीय बाजार लाल निशान में खुले और शुरुआती कारोबार में निवेशकों के बीच सतर्कता का माहौल देखने को मिला। पिछले चार कारोबारी सत्रों से बाजार लगातार दबाव में है और सिर्फ सोमवार और मंगलवार के दौरान ही BSE Sensex में 2700 से ज्यादा अंकों की भारी गिरावट दर्ज की गई है। बाजार में जारी इस कमजोरी ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
बुधवार को Bombay Stock Exchange का सेंसेक्स 119.90 अंक यानी 0.16 प्रतिशत की गिरावट के साथ 74,439.34 अंक पर खुला। वहीं National Stock Exchange of India का Nifty 50 17.10 अंक यानी 0.07 प्रतिशत टूटकर 23,362.45 अंक पर कारोबार शुरू करता दिखा।
इससे पहले सोमवार को सेंसेक्स 1312.91 अंक गिरकर 76,015.28 पर बंद हुआ था, जबकि मंगलवार को इसमें 1456.04 अंकों की और बड़ी गिरावट दर्ज की गई और यह 74,559.24 अंक पर बंद हुआ। लगातार हो रही बिकवाली से बाजार का माहौल कमजोर बना हुआ है।
हालांकि बुधवार को निफ्टी की कई कंपनियों में शुरुआती तेजी भी देखने को मिली। Nifty 50 की 50 में से 40 कंपनियों के शेयर हरे निशान में खुले, जबकि 10 कंपनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। दूसरी तरफ सेंसेक्स की 30 कंपनियों में केवल 6 कंपनियों के शेयर बढ़त के साथ खुले, जबकि 20 शेयर लाल निशान में रहे और 4 शेयर बिना बदलाव के खुले।
शुरुआती कारोबार में Kotak Mahindra Bank के शेयरों में सबसे ज्यादा मजबूती देखने को मिली। बैंक का शेयर करीब 0.51 प्रतिशत की बढ़त के साथ खुला। इसके अलावा Tata Steel, ITC Limited, State Bank of India, Asian Paints और Bajaj Finserv के शेयरों में भी हल्की बढ़त दर्ज की गई।
वहीं दूसरी ओर आईटी, बैंकिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के कई बड़े शेयर दबाव में दिखाई दिए। Power Grid Corporation of India के शेयरों में सबसे ज्यादा 1.06 प्रतिशत की गिरावट रही। इसके अलावा Adani Ports and Special Economic Zone, Infosys, Mahindra & Mahindra, Bajaj Finance और Larsen & Toubro जैसे दिग्गज शेयर भी लाल निशान में कारोबार करते दिखे।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और ब्याज दरों को लेकर बढ़ती चिंताओं का असर भारतीय बाजार पर दिखाई दे रहा है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक सुस्ती और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले कारोबारी सत्र बाजार के लिए बेहद अहम होंगे। यदि विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी रहती है तो बाजार में और दबाव देखने को मिल सकता है। फिलहाल निवेशकों को सतर्क रहने और सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दी जा रही है।

