घरेलू शेयर बाजार में सोमवार को भारी गिरावट देखने को मिली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल और वैश्विक अनिश्चितता के कारण निवेशकों में घबराहट का माहौल रहा। लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में बाजार लाल निशान में बंद हुआ, जिससे निवेशकों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा।
सप्ताह के पहले कारोबारी दिन बीएसई सेंसेक्स 1,312.91 अंक यानी 1.70 प्रतिशत गिरकर 76,015.28 अंक पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 50 इंडेक्स 360.30 अंक यानी 1.49 प्रतिशत टूटकर 23,815.85 अंक पर बंद हुआ। बाजार की शुरुआत कमजोर रही और दिनभर बिकवाली का दबाव लगातार बढ़ता गया।
विशेषज्ञों के अनुसार बाजार में इस बड़ी गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच अंतिम समझौते में हो रही देरी है। हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के शांति प्रस्ताव को अस्वीकार्य बताते हुए खारिज कर दिया था। इसके बाद पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया, जिससे वैश्विक बाजारों में डर का माहौल बन गया।
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए तेल महंगा होने से देश का आयात बिल बढ़ने और महंगाई बढ़ने की आशंका रहती है। इसके अलावा डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी ने भी बाजार पर दबाव बनाया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान का भी बाजार पर असर देखने को मिला। रविवार को हैदराबाद में आयोजित एक रैली में पीएम मोदी ने लोगों से पेट्रोल, डीजल और गैस का सावधानीपूर्वक इस्तेमाल करने की अपील की। साथ ही उन्होंने कम से कम एक साल तक सोने की खरीदारी टालने की सलाह भी दी। उनका यह बयान विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से था, लेकिन इससे निवेशकों के बीच चिंता और बढ़ गई।
सोमवार को सेंसेक्स की 30 में से केवल 6 कंपनियों के शेयर ही बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि बाकी 24 शेयर गिरावट में रहे। फार्मा कंपनी सन फार्मा 1.36 प्रतिशत की तेजी के साथ सबसे बड़ी बढ़त दर्ज करने वाली कंपनी रही। इसके अलावा हिंदुस्तान यूनिलीवर, अडाणी पोर्ट्स, कोटक महिंद्रा बैंक, एक्सिस बैंक और आईसीआईसीआई बैंक के शेयर भी मामूली बढ़त के साथ बंद हुए।
वहीं दूसरी ओर टाइटन के शेयर सबसे ज्यादा 6.83 प्रतिशत टूट गए। इंडिगो में 4.69 प्रतिशत, एसबीआई में 4.52 प्रतिशत और भारती एयरटेल में 4.18 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। रिलायंस इंडस्ट्रीज, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एनटीपीसी, एचडीएफसी बैंक, बजाज फाइनेंस और बीईएल जैसे बड़े शेयरों में भी भारी बिकवाली देखने को मिली।
आईटी सेक्टर के शेयर भी दबाव में रहे। टेक महिंद्रा, इन्फोसिस, एचसीएल टेक और टीसीएस के शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। विदेशी निवेशकों की बिकवाली और कमजोर वैश्विक संकेतों ने टेक शेयरों पर अतिरिक्त दबाव बनाया।
विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। निवेशकों को फिलहाल सावधानी बरतने और मजबूत बुनियादी कंपनियों में ही निवेश करने की सलाह दी जा रही है।

