13 May 2026, Wed

एयर इंडिया का बड़ा फैसला! इन शहरों के लिए बंद की उड़ानें, यात्रियों को होगी बड़ी परेशानी

एयर इंडिया का बड़ा फैसला: अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में कटौती, कई रूट्स पर सेवाएं अस्थायी रूप से बंद

टाटा ग्रुप की एयर इंडिया (Air India) ने अपने अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क में बड़ा बदलाव करते हुए कई रूट्स पर उड़ानों में कटौती करने का निर्णय लिया है। कंपनी ने घोषणा की है कि जून से अगले तीन महीनों तक कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानें अस्थायी रूप से बंद रहेंगी, जबकि कई प्रमुख शहरों के लिए फ्लाइट्स की संख्या भी कम कर दी जाएगी।

यह फैसला यात्रियों और एविएशन सेक्टर दोनों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे अंतरराष्ट्रीय यात्रा पर सीधा असर पड़ सकता है।

किन रूट्स पर असर पड़ेगा

एयर इंडिया ने दिल्ली से शिकागो, नेवार्क, सिंगापुर और शंघाई जाने वाली कुछ उड़ानों को अस्थायी रूप से बंद करने का फैसला लिया है। इसके अलावा सैन फ्रांसिस्को, पेरिस और टोरंटो जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए फ्लाइट फ्रीक्वेंसी भी कम कर दी गई है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, इस कदम के चलते एयर इंडिया ने रोजाना लगभग 100 उड़ानें घटा दी हैं। इससे यात्रियों को टिकट उपलब्धता में परेशानी और किराए में संभावित बढ़ोतरी का सामना करना पड़ सकता है।

क्यों लिया गया यह फैसला

एयर इंडिया के इस फैसले के पीछे सबसे बड़ी वजह जेट फ्यूल की बढ़ती कीमतें बताई जा रही हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में जेट फ्यूल के दाम तेजी से बढ़े हैं, जिससे एयरलाइंस की ऑपरेशनल लागत में भारी इजाफा हुआ है।

मई 2026 में जेट फ्यूल का औसत दाम लगभग 162 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया, जबकि कुछ महीने पहले यह करीब 99 डॉलर था। विमानन उद्योग में ईंधन लागत कुल खर्च का लगभग 40 प्रतिशत होती है, ऐसे में इसका सीधा असर कंपनियों के मुनाफे पर पड़ रहा है।

पाकिस्तान एयरस्पेस बंद होने से बढ़ी मुश्किलें

एयर इंडिया को एक और बड़ी चुनौती पाकिस्तान के एयरस्पेस बंद होने के कारण मिल रही है। यूरोप और उत्तरी अमेरिका जाने वाली उड़ानों को अब लंबा रूट लेना पड़ रहा है। कई फ्लाइट्स को वियना और स्टॉकहोम जैसे शहरों में तकनीकी स्टॉप भी करना पड़ रहा है, जिससे ईंधन और क्रू दोनों की लागत बढ़ गई है।

यात्रियों पर असर

एयर इंडिया के इस फैसले का सीधा असर यात्रियों पर पड़ेगा। कम फ्लाइट्स होने के कारण टिकटों की उपलब्धता घट सकती है और कई रूट्स पर किराए बढ़ने की संभावना भी जताई जा रही है। हालांकि कंपनी का कहना है कि यह कदम ऑपरेशनल स्थिरता और लागत नियंत्रण के लिए जरूरी है।

एयर इंडिया के सीईओ कैंपबेल विल्सन ने संकेत दिया है कि परिस्थितियों के अनुसार आगे भी नेटवर्क में बदलाव किए जा सकते हैं।

फिलहाल यह देखा जाना बाकी है कि आने वाले महीनों में यह कटौती यात्रियों और एयरलाइन दोनों पर कितना प्रभाव डालती है।

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