13 Jul 2026, Mon

IT Stocks में तूफानी तेजी, बड़ी गिरावट के साथ खुले बाजार ने हरे निशान में बंद किया कारोबार

मुंबई: भारतीय शेयर बाजार ने सोमवार, 13 जुलाई 2026 को भारी उतार-चढ़ाव के बाद मामूली बढ़त के साथ कारोबार समाप्त किया। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव तथा कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के कारण बाजार की शुरुआत बड़ी गिरावट के साथ हुई थी। हालांकि, दोपहर के कारोबार में आईटी कंपनियों के शेयरों में जोरदार खरीदारी से सेंसेक्स और निफ्टी ने अपने शुरुआती नुकसान की भरपाई कर ली।

उपलब्ध बाजार आंकड़ों के अनुसार, बीएसई सेंसेक्स 47.01 अंक यानी 0.06 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 77,616.40 पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई का निफ्टी 50 इंडेक्स 4.10 अंक यानी 0.02 प्रतिशत चढ़कर 24,211.00 पर बंद हुआ।

सुबह के कारोबार में सेंसेक्स करीब 606 अंक गिरकर 76,963.35 पर खुला था। निफ्टी ने भी 167.50 अंकों की कमजोरी के साथ 24,039.40 से कारोबार शुरू किया। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव से ब्रेंट क्रूड की कीमतों में तेजी आने के बाद महंगाई और भारत के आयात बिल को लेकर चिंताएं बढ़ गई थीं। शुरुआती कारोबार में बैंकिंग, ऑटो और मेटल समेत लगभग सभी प्रमुख सेक्टर दबाव में थे।

आईटी शेयरों ने कराई बाजार की वापसी

बाजार की रिकवरी में आईटी शेयरों ने सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, एचसीएल टेक, इन्फोसिस, टेक महिंद्रा और विप्रो के शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली। कारोबार के दौरान निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब चार प्रतिशत तक चढ़ गया।

टीसीएस के शेयर लगभग 5.5 प्रतिशत की बढ़त के साथ प्रमुख सूचकांकों के सबसे बड़े गेनर बने। एचसीएल टेक में करीब पांच प्रतिशत, इन्फोसिस में तीन प्रतिशत से ज्यादा और टेक महिंद्रा में भी तीन प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई। टीसीएस के बेहतर तिमाही नतीजों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े कारोबार में सकारात्मक संकेतों ने पूरे आईटी सेक्टर के प्रति निवेशकों का भरोसा बढ़ाया।

ज्यादातर शेयरों में रही गिरावट

बेंचमार्क इंडेक्स भले ही हरे निशान में बंद हुए, लेकिन बाजार की अंदरूनी तस्वीर कमजोर रही। सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से केवल 13 के शेयर बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि 17 कंपनियों में गिरावट रही। इसी तरह निफ्टी 50 की 21 कंपनियों के शेयर चढ़े और 29 कंपनियां नुकसान में रहीं।

मेटल शेयरों पर सबसे ज्यादा दबाव दिखाई दिया। टाटा स्टील प्रमुख लूजर रहा। इसके अलावा इंडिगो, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, ग्रासिम और जेएसडब्ल्यू स्टील के शेयरों में भी कमजोरी दर्ज की गई।

बाजार में क्यों रहा उतार-चढ़ाव?

अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने और कच्चे तेल के करीब चार प्रतिशत महंगा होने से निवेशकों ने शुरुआती कारोबार में जोखिम वाले निवेश से दूरी बनाई। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े स्तर पर आयात पर निर्भर है। ऐसे में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से महंगाई, चालू खाते के घाटे और रुपये पर दबाव बढ़ने की आशंका रहती है।

हालांकि, आईटी शेयरों में मजबूत खरीदारी ने बेंचमार्क इंडेक्स को गिरावट से बाहर निकाल दिया। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले सत्रों में पश्चिम एशिया का घटनाक्रम, कच्चे तेल की चाल, कंपनियों के तिमाही नतीजे और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां बाजार की दिशा तय करेंगी।

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