नई दिल्ली: सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार, 13 जुलाई को सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर अगस्त डिलीवरी वाला सोना करीब एक प्रतिशत टूट गया, जबकि सितंबर डिलीवरी वाली चांदी में लगभग 1.90 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी पर दबाव बना रहा।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। महंगा कच्चा तेल वैश्विक महंगाई को बढ़ा सकता है, जिससे अमेरिका में ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची बने रहने की आशंका मजबूत हुई। डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी आने से बिना ब्याज देने वाली कीमती धातुओं की मांग कमजोर पड़ी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 1.5 प्रतिशत और चांदी 2.6 प्रतिशत तक नीचे चली गई।
MCX पर सोने का आज का भाव
13 जुलाई को सुबह करीब 11:45 बजे MCX पर 5 अगस्त 2026 की डिलीवरी वाला सोना 1,41,557 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। इसमें पिछले बंद भाव के मुकाबले 1,440 रुपये यानी करीब एक प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
सोने का अगस्त कॉन्ट्रैक्ट 1,42,633 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला था। पिछले कारोबारी सत्र में यह 1,43,478 रुपये पर बंद हुआ था। शुरुआती कारोबार के दौरान सोने ने 1,42,669 रुपये प्रति 10 ग्राम का ऊपरी स्तर छुआ, लेकिन बिकवाली बढ़ने से भाव 1,41,557 रुपये तक नीचे पहुंच गया।
ध्यान देने वाली बात है कि कमोडिटी बाजार में कीमतें लगातार बदलती रहती हैं। इसलिए अलग-अलग समय पर दर्ज किए गए भाव में अंतर देखने को मिल सकता है।
चांदी में भी भारी बिकवाली
MCX पर 4 सितंबर 2026 की डिलीवरी वाली चांदी 4,236 रुपये यानी 1.90 प्रतिशत टूटकर 2,17,277 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी। चांदी ने कारोबार की शुरुआत 2,18,648 रुपये प्रति किलोग्राम पर की थी, जबकि पिछले सत्र में इसका बंद भाव 2,22,664 रुपये था।
कारोबार के दौरान चांदी 2,19,806 रुपये प्रति किलोग्राम के ऊपरी स्तर तक पहुंची, लेकिन बाद में बिकवाली के दबाव में इसमें तेज गिरावट आ गई।
क्यों गिर रहे हैं सोने और चांदी के भाव?
आमतौर पर भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने पर सोने को सुरक्षित निवेश के तौर पर समर्थन मिलता है। हालांकि, इस बार अमेरिका-ईरान तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से महंगाई की चिंता पैदा हुई है। बाजार को आशंका है कि महंगाई नियंत्रित करने के लिए अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरें ऊंची रख सकता है या इनमें आगे बढ़ोतरी कर सकता है।
ऊंची ब्याज दरें डॉलर और बॉन्ड यील्ड को मजबूत करती हैं, जिससे सोने और चांदी जैसे गैर-ब्याज वाले निवेश विकल्पों का आकर्षण कम हो जाता है।
आगे भी जारी रह सकता है उतार-चढ़ाव
विशेषज्ञों के मुताबिक, सोना और चांदी फिलहाल करेक्शन के दौर से गुजर रहे हैं। इस सप्ताह अमेरिका, भारत और यूरोप के महंगाई आंकड़े, कच्चे तेल की चाल और पश्चिम एशिया का तनाव कीमती धातुओं की दिशा तय कर सकते हैं। पिछले सप्ताह अगस्त डिलीवरी वाला सोना करीब 2.65 प्रतिशत और सितंबर चांदी लगभग 6.2 प्रतिशत कमजोर हुई थी।
विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार में फिलहाल उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। निवेशकों को केवल कीमतों की गिरावट देखकर निर्णय लेने के बजाय आर्थिक आंकड़ों, वैश्विक घटनाक्रम और अपनी जोखिम क्षमता पर ध्यान देना चाहिए।

