नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव तथा कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण सोमवार, 13 जुलाई को भारतीय शेयर बाजार ने कमजोरी के साथ कारोबार शुरू किया। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स करीब 0.78 प्रतिशत गिरकर 76,965.69 और एनएसई निफ्टी 50 लगभग 0.71 प्रतिशत टूटकर 24,034.10 पर पहुंच गया। इस दौरान वित्तीय, ऑटो और मेटल समेत अधिकांश सेक्टरों में बिकवाली दिखाई दी।
बाजार में जारी उतार-चढ़ाव के बीच HDFC सिक्योरिटीज के हेड ऑफ प्राइम रिसर्च देवर्ष वकील ने बलरामपुर चीनी मिल्स लिमिटेड के शेयरों में खरीदारी की सलाह दी है। ब्रोकरेज के रिसर्च प्लेटफॉर्म पर बलरामपुर चीनी मिल्स के लिए खरीदारी का दायरा 560 रुपये से 579 रुपये बताया गया है। सिफारिश सामने आने के समय शेयर का भाव करीब 566 रुपये था।
बलरामपुर चीनी मिल्स पर क्यों बुलिश हैं एक्सपर्ट?
देवर्ष वकील के अनुसार, बलरामपुर चीनी मिल्स ने अपने कारोबार को केवल पारंपरिक चीनी उत्पादन तक सीमित नहीं रखा है। कंपनी ने इथेनॉल उत्पादन क्षमता और गन्ने की खोई से बिजली तैयार करने वाले को-जनरेशन कारोबार का विस्तार किया है।
इस डायवर्सिफिकेशन से कंपनी की चीनी की कीमतों में आने वाले उतार-चढ़ाव पर निर्भरता कम हो सकती है। चीनी उद्योग को चक्रीय कारोबार माना जाता है, जहां उत्पादन, सरकारी नीतियों, निर्यात और घरेलू कीमतों के कारण कंपनियों की आमदनी और मुनाफे में बदलाव देखने को मिलता रहता है।
एक्सपर्ट का मानना है कि इथेनॉल और को-जनरेशन जैसे कारोबार कंपनी को आय के अतिरिक्त स्रोत उपलब्ध कराते हैं। इससे चीनी की कीमतें कमजोर रहने के दौरान भी कंपनी को अपने राजस्व और मार्जिन में स्थिरता बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
इथेनॉल की मांग से मिल सकता है फायदा
भारत सरकार पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण बढ़ाने और जैव ईंधन के इस्तेमाल को प्रोत्साहित करने पर जोर दे रही है। एक्सपर्ट के मुताबिक, इस नीति से आने वाले वर्षों में इथेनॉल की मांग बनी रहने की संभावना है। बलरामपुर चीनी मिल्स अपनी उत्पादन क्षमता के कारण इस अवसर का लाभ उठा सकती है।
इसके अलावा कंपनी गन्ने से मिलने वाले उप-उत्पादों का इस्तेमाल बिजली और अन्य उत्पाद तैयार करने में कर रही है। इससे संसाधनों का बेहतर उपयोग होने के साथ कारोबार को अलग-अलग क्षेत्रों में फैलाने में मदद मिलती है।
शेयर के लिए ₹650 का टारगेट
देवर्ष वकील ने निवेशकों को बलरामपुर चीनी मिल्स के शेयर 560 से 579 रुपये के दायरे में खरीदने की सलाह दी है। शेयर में गिरावट आने पर 505 से 515 रुपये के दायरे में अतिरिक्त खरीदारी की जा सकती है। अगले चार क्वार्टर के लिए इसका लक्ष्य 650 रुपये रखा गया है।
हालांकि, निवेशकों को कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन पर भी नजर रखनी चाहिए। मार्च 2026 तिमाही में बलरामपुर चीनी मिल्स का कंसोलिडेटेड शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 30.36 प्रतिशत घटकर 159.57 करोड़ रुपये रहा था। एक साल पहले समान तिमाही में कंपनी ने 229.12 करोड़ रुपये का लाभ दर्ज किया था।
आईटी शेयरों ने बाजार को दिया सहारा
शुरुआती गिरावट के बाद आईटी शेयरों में जोरदार खरीदारी से बाजार ने निचले स्तरों से सुधार दिखाया। टीसीएस, इंफोसिस और एचसीएल टेक जैसे शेयरों की तेजी के कारण निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब चार प्रतिशत चढ़ा।
शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है। किसी भी ब्रोकरेज का लक्ष्य अनुमान होता है, सुनिश्चित रिटर्न नहीं। निवेशकों को फैसला लेने से पहले अपनी वित्तीय स्थिति, निवेश अवधि और जोखिम उठाने की क्षमता का आकलन करना चाहिए।

