शेयर बाजार में बड़ी गिरावट, BSE Sensex और NIFTY 50 लाल निशान में खुले
घरेलू शेयर बाजार में सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारी गिरावट देखने को मिली। वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और निवेशकों की कमजोर धारणा के कारण बाजार दबाव में नजर आया। कारोबार की शुरुआत में ही BSE Sensex 690 अंकों से ज्यादा टूट गया, जबकि NIFTY 50 भी 200 अंकों से अधिक की गिरावट के साथ खुला।
सोमवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 690.10 अंकों की गिरावट के साथ 76,638.09 के स्तर पर खुला। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 इंडेक्स 205.90 अंक टूटकर 23,970.10 पर कारोबार शुरू करता दिखाई दिया। बाजार में शुरुआती कारोबार के दौरान लगभग सभी सेक्टरों में बिकवाली का दबाव देखने को मिला।
विशेष बात यह रही कि सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से केवल दो कंपनियों के शेयर ही हरे निशान में खुले, जबकि 27 कंपनियों के शेयर गिरावट के साथ लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। एक कंपनी का शेयर बिना किसी बदलाव के खुला। इसी तरह निफ्टी 50 की 50 कंपनियों में से सिर्फ 6 शेयरों में तेजी रही, जबकि बाकी 44 शेयर गिरावट के साथ खुले।
सेंसेक्स में शामिल Tata Steel के शेयरों ने सबसे अच्छी शुरुआत की और करीब 0.23 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की। दूसरी ओर Titan Company के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई और यह लगभग 3.81 प्रतिशत टूटकर खुले।
इसके अलावा कई दिग्गज कंपनियों के शेयरों में भी भारी दबाव देखने को मिला। State Bank of India के शेयर करीब 3 प्रतिशत टूटे, जबकि Mahindra & Mahindra में 2 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट रही। Maruti Suzuki, HDFC Bank, Reliance Industries और Adani Ports and Special Economic Zone जैसे बड़े शेयर भी लाल निशान में कारोबार करते दिखे।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती अनिश्चितता और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का असर भारतीय बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और अमेरिका-ईरान संबंधों को लेकर बनी चिंता के कारण निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपना रहे हैं। इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली भी बाजार पर दबाव बढ़ा रही है।
पिछले कारोबारी सत्र यानी शुक्रवार को भी बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ था। उस दिन सेंसेक्स 516 अंक टूटकर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी में करीब 150 अंकों की कमजोरी देखी गई थी। लगातार दूसरे कारोबारी दिन बाजार में गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक घटनाक्रम, कच्चे तेल की चाल और विदेशी बाजारों का रुख भारतीय शेयर बाजार की दिशा तय करेगा। फिलहाल बाजार में अस्थिरता बनी रहने की संभावना जताई जा रही है। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे जल्दबाजी में फैसले लेने से बचें और मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों पर ध्यान बनाए रखें।

