13 May 2026, Wed

EPFO ने प्राइवेट ट्रस्ट के लिए बनाए सख्त नियम, मनमाना ब्याज देने पर भी लगाई रोक

देश के करोड़ों कर्मचारियों की बचत से जुड़े भविष्य निधि प्रबंधन को लेकर Employees’ Provident Fund Organisation (EPFO) ने बड़ा कदम उठाया है। EPFO ने प्राइवेट और छूट प्राप्त भविष्य निधि (PF) ट्रस्ट्स के लिए नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी की है। इन नए नियमों का उद्देश्य कर्मचारियों के हितों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित करना और निजी ट्रस्ट्स की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाना है।

नई SOP के अनुसार, देशभर में मौजूद 1250 से अधिक प्राइवेट PF ट्रस्ट्स, जो करीब 32 लाख कर्मचारियों की 3.5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की बचत का प्रबंधन करते हैं, अब कर्मचारियों को EPFO के बराबर या उससे बेहतर सुविधाएं देने के लिए बाध्य होंगे। यदि कोई ट्रस्ट इन नियमों का पालन नहीं करता है, तो उसकी ‘छूट प्राप्त’ स्थिति रद्द की जा सकती है।

दरअसल, कुछ बड़ी कंपनियां अपने कर्मचारियों के PF फंड को सीधे EPFO में जमा करने के बजाय खुद के प्राइवेट PF ट्रस्ट के जरिए संचालित करती हैं। इन्हें ‘एक्जेम्प्टेड’ यानी छूट प्राप्त संस्थान कहा जाता है। इन संस्थानों में सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों की कंपनियां शामिल हैं।

नई SOP को EPFO के केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBT) ने मंजूरी दी है, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय श्रम मंत्री Mansukh Mandaviya करते हैं। अधिकारियों के अनुसार, नई SOP मौजूदा चार अलग-अलग प्रक्रियाओं और नियम पुस्तिकाओं को एक व्यापक ढांचे में शामिल करेगी। इससे नियमों को समझना और उनका पालन करना आसान होगा।

EPFO ने विशेष रूप से निष्क्रिय और बिना KYC वाले खातों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। नए नियमों के मुताबिक, ऐसे खातों में जमा राशि और उस पर अर्जित ब्याज को EPFO के केंद्रीय कोष में ट्रांसफर करना अनिवार्य होगा। इससे उन कर्मचारियों की राशि सुरक्षित रहेगी, जिनके खाते लंबे समय से निष्क्रिय पड़े हैं या जिनकी पहचान संबंधी प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है।

इसके अलावा EPFO ने प्राइवेट ट्रस्ट्स द्वारा कर्मचारियों को दिए जाने वाले ब्याज पर भी सीमा तय कर दी है। अब कोई भी ट्रस्ट EPFO की ब्याज दर से अधिकतम 2 प्रतिशत यानी 200 बेसिस पॉइंट्स ज्यादा ही ब्याज दे सकेगा। इस कदम का उद्देश्य विभिन्न पीढ़ियों के कर्मचारियों के बीच समानता बनाए रखना बताया गया है।

सूत्रों के मुताबिक, कुछ सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां अपने कर्मचारियों को 30 से 34 प्रतिशत तक अत्यधिक ब्याज दे रही थीं, जिससे भविष्य में फंड मैनेजमेंट और वित्तीय स्थिरता को लेकर चिंता बढ़ रही थी। इसी कारण EPFO ने इस पर नियंत्रण लगाने का फैसला लिया है।

देश की कई बड़ी कंपनियां इस श्रेणी में आती हैं। अगस्त 2024 की EPFO सूची के अनुसार Infosys, Wipro, Reliance Industries, Larsen & Toubro, TVS Motor Company और NTPC Limited जैसी कई बड़ी कंपनियां अपने निजी PF ट्रस्ट संचालित करती हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि EPFO की यह नई SOP कर्मचारियों के PF फंड को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की दिशा में अहम कदम साबित हो सकती है। इससे कर्मचारियों को यह भरोसा मिलेगा कि उनकी रिटायरमेंट सेविंग्स सुरक्षित हाथों में हैं और निजी ट्रस्ट्स को भी अब अधिक जवाबदेही के साथ काम करना होगा।

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