अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच एक बार फिर बड़ा कदम उठाया गया है। अमेरिका ने ईरान की सबसे प्रभावशाली सैन्य और सुरक्षा इकाई Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) के आर्थिक नेटवर्क को कमजोर करने के लिए नई रणनीति लागू की है। इस रणनीति के तहत अमेरिका ने उस नेटवर्क से जुड़ी जानकारी देने वाले को भारी इनाम देने की घोषणा की है।
अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, IRGC के वित्तीय नेटवर्क, खासकर उसके कथित अवैध तेल कारोबार और गुप्त आर्थिक गतिविधियों की जानकारी देने वाले व्यक्ति को 1.5 करोड़ डॉलर यानी लगभग 143 करोड़ रुपये तक का इनाम दिया जाएगा। यह कदम ट्रंप प्रशासन की उस नीति का हिस्सा बताया जा रहा है, जिसका उद्देश्य ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाना है।
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि IRGC लंबे समय से अवैध तेल व्यापार, हवाला नेटवर्क और अन्य छिपे हुए वित्तीय चैनलों के जरिए धन जुटा रहा है, जिसका इस्तेमाल क्षेत्रीय गतिविधियों और अस्थिरता फैलाने के लिए किया जाता है। इसी नेटवर्क को तोड़ने के लिए अमेरिका ने यह नई पहल की है।
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता के अनुसार, यह अभियान “Economic pressure strategy” का हिस्सा है, जिसके तहत ईरान की वित्तीय ताकत को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि IRGC के तेल नेटवर्क को निशाना बनाकर उसकी आर्थिक संरचना को तोड़ने की दिशा में काम किया जा रहा है।
इसके साथ ही अमेरिका ने IRGC से जुड़े कई लोगों और कंपनियों पर भी नए प्रतिबंध लगाए हैं। इनमें वे संस्थाएं और अधिकारी शामिल हैं, जो कथित तौर पर ईरानी तेल को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने में मदद करते हैं। अमेरिकी प्रशासन ने IRGC के तेल विभाग से जुड़े कुछ वरिष्ठ अधिकारियों को भी प्रतिबंध सूची में शामिल किया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम पश्चिम एशिया में पहले से ही तनावपूर्ण हालात को और जटिल बना सकता है। ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से जारी राजनीतिक और आर्थिक टकराव अब एक बार फिर नए मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है।
फिलहाल इस पूरे मामले पर ईरान की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ सकता है।

