13 May 2026, Wed

बिहार सरकार ने महिलाओं को दे दिया बड़ा तोहफा, अब इलेक्ट्रिक कार खरीदने पर मिलेगा 1 लाख रुपये का अनुदान

बिहार सरकार ने राज्य में हरित और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में बिहार इलेक्ट्रिक वाहन (संशोधन) नीति, 2026 को मंजूरी दे दी गई है। इस नई नीति के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर आम लोगों के साथ-साथ विशेष रूप से महिलाओं को भी बड़ा आर्थिक लाभ मिलेगा।

सरकार की इस नई योजना के अनुसार, राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने को बढ़ावा देने के लिए कई तरह की सब्सिडी और छूट का प्रावधान किया गया है। सबसे खास बात यह है कि महिलाओं को इलेक्ट्रिक चारपहिया वाहन खरीदने पर प्रति वाहन 1 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा। इसके अलावा इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन खरीदने पर महिलाओं को 12 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि भी मिलेगी।

परिवहन विभाग के अनुसार, इस नीति का उद्देश्य राज्य में प्रदूषण कम करना और लोगों को स्वच्छ ऊर्जा आधारित परिवहन की ओर प्रेरित करना है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले वर्षों में इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते उपयोग से बिहार में पेट्रोल और डीजल की खपत में भी बड़ी कमी आएगी।

नई नीति के तहत सामान्य वर्ग के लोगों को इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन खरीदने पर 10 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी, जबकि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए यह राशि 12 हजार रुपये होगी। वहीं इलेक्ट्रिक तिपहिया मालवाहक वाहनों पर भी विशेष सब्सिडी दी जाएगी, जिसमें सामान्य वर्ग को 50 हजार रुपये और एससी-एसटी वर्ग को 60 हजार रुपये तक की सहायता शामिल है।

सरकार ने यह भी घोषणा की है कि इलेक्ट्रिक वाहनों पर मोटर वाहन कर में 50 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी। इसके साथ ही पुराने वाहनों को स्क्रैप करने पर अतिरिक्त लाभ भी प्रदान किया जाएगा, ताकि लोग पुराने वाहनों को हटाकर इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाएं।

इस योजना के तहत चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को भी तेजी से विकसित किया जाएगा। सरकार सार्वजनिक स्थानों, मॉल, होटल, पेट्रोल पंप और बहुमंजिला इमारतों में ईवी चार्जिंग स्टेशन लगाने को बढ़ावा देगी। इसके लिए निजी निवेशकों को भी प्रोत्साहन दिया जाएगा।

राज्य सरकार का दावा है कि इस नीति से न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। साथ ही, परिवहन व्यवस्था अधिक आधुनिक, सस्ती और टिकाऊ बनेगी।

कुल मिलाकर यह नीति बिहार को “ग्रीन ट्रांसपोर्ट स्टेट” बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है, जिससे आने वाले समय में प्रदूषण नियंत्रण और आर्थिक बचत दोनों को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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