शेयर बाजार में जोरदार तेजी, सेंसेक्स 918 अंक उछला, निफ्टी 24,000 के पार बंद
10 अप्रैल को भारतीय शेयर बाजार में शानदार तेजी देखने को मिली। वैश्विक संकेतों के बीच घरेलू इक्विटी बाजार मजबूत बढ़त के साथ बंद हुए। सप्ताह के आखिरी कारोबारी सत्र में निवेशकों की खरीदारी से बाजार में व्यापक तेजी दर्ज की गई।
बाजार बंद होने पर बीएसई सेंसेक्स 918.60 अंकों की बड़ी बढ़त के साथ 77,550.25 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं एनएसई निफ्टी भी 275.50 अंकों की तेजी के साथ 24,050.60 पर बंद हुआ। पूरे सत्र के दौरान बाजार में सकारात्मक रुझान बना रहा और निवेशकों की धारणा मजबूत दिखी।
बाजार में व्यापक खरीदारी, 3,000 से अधिक शेयरों में बढ़त
बाजार के आंकड़ों के अनुसार, लगभग 3,245 शेयरों में तेजी दर्ज की गई, जबकि 889 शेयरों में गिरावट देखने को मिली। वहीं 126 शेयर बिना किसी बदलाव के बंद हुए। यह दर्शाता है कि बाजार में व्यापक स्तर पर खरीदारी का माहौल रहा।
मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स ने भी अच्छा प्रदर्शन किया और दोनों में करीब 1.5% की बढ़त दर्ज की गई। इससे संकेत मिलता है कि केवल लार्जकैप ही नहीं, बल्कि मिड और स्मॉलकैप शेयरों में भी निवेशकों की रुचि बनी रही।
सेक्टोरल प्रदर्शन में मिला-जुला रुख
सेक्टोरल आधार पर बाजार में ज्यादातर क्षेत्रों में तेजी देखने को मिली। ऑटो, कैपिटल गुड्स, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, रियल्टी, पावर, एफएमसीजी, पीएसयू बैंक, मेटल और प्राइवेट बैंकिंग सेक्टर में 1% से 2% तक की बढ़त दर्ज की गई।
हालांकि, आईटी सेक्टर में दबाव देखने को मिला और यह इंडेक्स 1.7% की गिरावट के साथ बंद हुआ। वैश्विक तकनीकी शेयरों में कमजोरी का असर घरेलू आईटी कंपनियों पर भी पड़ा।
निफ्टी के प्रमुख गेनर और लूज़र
निफ्टी के प्रमुख बढ़त वाले शेयरों में Asian Paints, Eicher Motors, ICICI Bank, Bajaj Auto और Shriram Finance शामिल रहे।
वहीं, गिरावट वाले शेयरों में Coal India, Sun Pharmaceutical Industries, Infosys, Tata Consultancy Services और Tech Mahindra प्रमुख रहे।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर 10 अप्रैल का कारोबारी सत्र निवेशकों के लिए सकारात्मक रहा। वैश्विक संकेतों के बावजूद भारतीय बाजारों में मजबूत खरीदारी देखने को मिली, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में अच्छी बढ़त दर्ज हुई। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों की मजबूती ने भी बाजार की तेजी को सपोर्ट किया।
विशेषज्ञों के अनुसार, अगर यही रुझान जारी रहता है तो आने वाले सत्रों में भी बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच सकारात्मक रुझान देखने को मिल सकता है।

