25 May 2026, Mon

AAIDMK के 3 बागी विधायकों ने दिया इस्तीफा, TVK में शामिल होने की अटकलें

तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा सियासी घटनाक्रम देखने को मिला है, जहां AIADMK के तीन विधायकों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। विधानसभा स्पीकर ने भी इन तीनों विधायकों का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है, जिसके बाद राज्य की राजनीतिक स्थिति और अधिक दिलचस्प हो गई है। इन इस्तीफों के साथ ही राज्य में उपचुनाव की संभावनाएं भी तेज हो गई हैं।

जानकारी के अनुसार, मदुरानंदगम से विधायक मरगदम कुमरवेल, पेरुन्दूरई से विधायक जयकुमार और दारापुरम की विधायक सत्यभामा ने अपने पद से इस्तीफा दिया है। इनमें से दो विधायक महिलाएं हैं। इस्तीफे के बाद अब इन तीनों सीटों सहित कुल चार विधानसभा सीटें खाली हो चुकी हैं, जिनमें एक सीट पहले से ही अभिनेता विजय के इस्तीफे के कारण रिक्त थी।

बताया जा रहा है कि ये तीनों विधायक पहले ही पार्टी लाइन से अलग रुख अपनाते हुए फ्लोर टेस्ट के दौरान टीवीके (TVK) के समर्थन में मतदान कर चुके थे। कुल 25 विधायकों ने उस समय टीवीके का समर्थन किया था, जिससे राजनीतिक समीकरणों में बड़ा बदलाव देखने को मिला था। अब इन तीन विधायकों के इस्तीफे के बाद यह कयास लगाए जा रहे हैं कि वे आगामी उपचुनाव में टीवीके के टिकट पर चुनाव लड़ सकते हैं।

सूत्रों के अनुसार, इन बागी विधायकों ने हाल ही में मंत्री आधव अर्जुन से भी मुलाकात की थी। इससे यह अटकलें और तेज हो गई हैं कि वे भविष्य में टीवीके के साथ अपनी राजनीतिक यात्रा जारी रख सकते हैं।

दूसरी ओर AIADMK के भीतर भी असंतोष की स्थिति बनी हुई है। पार्टी में वरिष्ठ नेता एसपी वेलुमणि और सीवी शनमुगम ने मौजूदा नेतृत्व पर सवाल उठाए हैं और एडप्पादी के पलानीस्वामी से महासचिव पद छोड़ने की मांग की है। इन नेताओं का मानना है कि पार्टी को नए नेतृत्व की जरूरत है ताकि 2026 के विधानसभा चुनावों में बेहतर प्रदर्शन किया जा सके।

पिछले चुनाव परिणामों ने भी AIADMK के लिए मुश्किलें बढ़ाई हैं, जहां पार्टी को अपेक्षाकृत कम सीटें मिली थीं। इसके बाद से ही पार्टी के भीतर नेतृत्व और रणनीति को लेकर मतभेद लगातार बढ़ते जा रहे हैं।

वहीं टीवीके प्रमुख विजय के लिए यह घटनाक्रम राजनीतिक रूप से फायदेमंद माना जा रहा है। पहले ही कई विधायकों के समर्थन के साथ मजबूत स्थिति में पहुंच चुकी टीवीके, अगर इन बागी विधायकों को अपने साथ जोड़ने में सफल रहती है तो आगामी उपचुनाव और भविष्य की राजनीति में उसकी पकड़ और मजबूत हो सकती है।

कुल मिलाकर तमिलनाडु की राजनीति इस समय बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है, जहां दल-बदल, इस्तीफे और नए गठबंधन आने वाले समय में सत्ता समीकरणों को पूरी तरह बदल सकते हैं।

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