पंजाब ने शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए देशभर में पहला स्थान प्राप्त किया है। नीति आयोग की नई रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब ने प्राइमरी और मिडिल स्कूल शिक्षा में केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली जैसे राज्यों को पीछे छोड़ दिया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान सरकार के शिक्षा सुधारों को इस उपलब्धि का सबसे बड़ा कारण माना जा रहा है। रिपोर्ट में पंजाब को बुनियादी शिक्षा, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और स्कूली सुविधाओं के मामले में देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बताया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, पंजाब के छात्रों ने भाषा और गणित जैसे विषयों में शानदार प्रदर्शन किया है। तीसरी कक्षा की भाषा परीक्षा में पंजाब के बच्चों ने 82 प्रतिशत अंक हासिल किए, जबकि केरल 75 प्रतिशत पर रहा। इसी तरह तीसरी कक्षा के गणित में पंजाब को 78 प्रतिशत अंक मिले, जबकि केरल को 70 प्रतिशत अंक प्राप्त हुए। नौवीं कक्षा के गणित में भी पंजाब ने 52 प्रतिशत अंक हासिल कर केरल को पीछे छोड़ दिया, जिसे 45 प्रतिशत अंक मिले।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि राज्य सरकार ने शिक्षा में ईमानदारी से निवेश किया और आज उसका परिणाम सामने आ रहा है। उन्होंने एक वीडियो संदेश जारी करते हुए कहा, “जो बोओगे वही काटोगे। हमने स्कूलों को आधुनिक बनाने, स्मार्ट क्लासरूम शुरू करने और शिक्षकों को बेहतर प्रशिक्षण देने पर लगातार काम किया। आज पंजाब पूरे देश में शिक्षा के क्षेत्र में नंबर-1 बनकर उभरा है।”
पंजाब सरकार ने पिछले चार वर्षों में सरकारी स्कूलों के ढांचे को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया। राज्यभर के स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम, इंटरनेट और कंप्यूटर सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, स्मार्ट क्लासरूम के मामले में पंजाब को 80.1 प्रतिशत अंक मिले, जबकि हरियाणा 50.3 प्रतिशत पर रहा। स्कूलों में इंटरनेट सुविधा के मामले में पंजाब ने 88.9 प्रतिशत अंक प्राप्त किए, जो हरियाणा से काफी ज्यादा हैं।
इसके अलावा बिजली और कंप्यूटर सुविधाओं में भी पंजाब ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। स्कूलों में बिजली उपलब्धता के मामले में पंजाब को 99.9 प्रतिशत अंक मिले, जबकि कंप्यूटर उपलब्धता में राज्य ने 99 प्रतिशत स्कोर हासिल किया। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल शिक्षा पर फोकस ने छात्रों की सीखने की क्षमता को मजबूत किया है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस सफलता का श्रेय शिक्षकों, विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षा विभाग के सभी अधिकारियों को दिया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि चार साल की लगातार मेहनत और सुधारों का नतीजा है। राज्य सरकार ने शिक्षक प्रशिक्षण, आधुनिक शिक्षा तकनीकों और बेहतर स्कूल प्रबंधन पर लगातार काम किया, जिससे शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव आया।
उन्होंने कहा कि पंजाब अब हर क्षेत्र में अग्रणी बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। शिक्षा क्षेत्र में मिली यह सफलता राज्य के लिए गर्व का विषय है और आने वाले समय में पंजाब को और मजबूत बनाने के लिए सरकार इसी तरह काम करती रहेगी।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि पंजाब मॉडल अब दूसरे राज्यों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है। सरकारी स्कूलों में सुधार और डिजिटल सुविधाओं के विस्तार ने यह साबित कर दिया है कि सही नीतियों और मजबूत इच्छाशक्ति से सरकारी शिक्षा व्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।

