पंजाब में आधुनिक पुलिसिंग को नई दिशा देने के लिए शुरू किया गया इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) अब देशभर में एक प्रभावी मॉडल के रूप में उभर रहा है। इस अत्याधुनिक तकनीकी प्रणाली की मदद से अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखने से लेकर शहर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने तक, पुलिस को बड़ी सफलता मिल रही है।
जालंधर के पुलिस कमिश्नर धनप्रीत रंधावा ने बताया कि ICCC शहर के “ब्रेन” की तरह काम करता है, जो रॉ डेटा को उपयोगी इंटेलिजेंस में बदल देता है। उनके अनुसार, “सिंगल पेन ऑफ ग्लास” डैशबोर्ड के जरिए ट्रैफिक डेंसिटी, क्राइम हॉटस्पॉट और नगर निगम सेंसर डेटा को एकीकृत GIS प्लेटफॉर्म पर जोड़ा गया है, जिससे रियल टाइम मॉनिटरिंग आसान हो गई है।
लुधियाना में डीजीपी ने किया उद्घाटन
पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने हाल ही में लुधियाना में ICCC का उद्घाटन किया था। इस परियोजना के तहत शहर के 259 स्थानों पर लगभग 1,700 हाई-रेज़ोल्यूशन कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा 46 स्थानों पर इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) भी स्थापित किया गया है, जिससे ट्रैफिक नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा सुधार हुआ है।
जालंधर बना सफल मॉडल
जालंधर में भी ICCC परियोजना सफल साबित हो रही है। यहां कुल 1,007 हाई-रेज़ोल्यूशन कैमरों का नेटवर्क लगाया गया है, जिसने कई बड़े मामलों को सुलझाने में अहम भूमिका निभाई है।
हाल ही में भार्गव कैंप स्थित एक ज्वेलरी शॉप में हुई करीब 1 करोड़ रुपये की लूट के मामले में ICCC ने आरोपियों की गतिविधियों को ट्रैक कर उनकी पूरी मूवमेंट का डिजिटल रूट तैयार किया और पुलिस को सफलता दिलाई।
इसी तरह पूर्व मंत्री मनोरंजन कालिया के घर पर हुए ग्रेनेड हमले की जांच में भी ICCC ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कैमरा फुटेज के जरिए संदिग्धों की पहचान कर उन्हें चार राज्यों में ट्रैक करते हुए गिरफ्तार किया गया।
अपराधियों पर AI से नजर
ICCC सिस्टम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो लगातार हजारों कैमरा फीड्स को स्कैन करता है। यह सिस्टम संदिग्ध गतिविधियों, भीड़ जमाव, लावारिस वस्तुओं और कैमरा टेम्परिंग की पहचान कर तुरंत अलर्ट जारी करता है।
डीजीपी गौरव यादव का बयान
डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि पंजाब पुलिस की “जीरो टॉलरेंस पॉलिसी” के तहत गैंगस्टरों और संगठित अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि ICCC जैसे सिस्टम पुलिसिंग को और प्रभावी बना रहे हैं और अपराध पर तेजी से नियंत्रण पाने में मदद कर रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि “AI और मानव इंटेलिजेंस का संयोजन पंजाब पुलिस को और मजबूत बना रहा है। इसका उपयोग ऑपरेशन प्रहार और गैंगस्टरों के खिलाफ चल रहे अभियानों में भी किया जा रहा है।”
पुलिसिंग में बड़ा बदलाव
लुधियाना ICCC ने पुलिस विभागों जैसे ट्रैफिक कंट्रोल, PCR, वायरलेस और सेफ सिटी सिस्टम को एक प्लेटफॉर्म पर जोड़ दिया है। इसके चलते पुलिस रिस्पॉन्स टाइम भी 15 मिनट से घटकर 7–8 मिनट तक आ गया है।
निष्कर्ष
पंजाब का ICCC मॉडल अब स्मार्ट पुलिसिंग का एक उदाहरण बनता जा रहा है, जहां तकनीक और पुलिसिंग का संगम अपराध नियंत्रण को नए स्तर पर ले जा रहा है। इससे न केवल अपराधियों पर शिकंजा कस रहा है, बल्कि आम जनता की सुरक्षा भी पहले से अधिक मजबूत हुई है।

