अमेरिका के ओहायो राज्य से बच्चों के साथ कथित क्रूरता और गंभीर उपेक्षा का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। विंटन काउंटी के हैमडेन गांव में अधिकारियों ने एक जर्जर मकान से एक ही परिवार के 16 बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। बच्चों की उम्र करीब डेढ़ वर्ष से 18 वर्ष के बीच बताई गई है। अधिकारियों के अनुसार, वे बेहद गंदे और असुरक्षित वातावरण में रह रहे थे तथा कई बच्चों को तत्काल चिकित्सा सहायता की जरूरत थी।
इस मामले में बच्चों के माता-पिता और दादा-दादी सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों की पहचान गैरी साइडर्स सीनियर, क्रिस्टीना साइडर्स, गैरी साइडर्स जूनियर और एलिजाबेथ साइडर्स के रूप में हुई है। चारों के खिलाफ बच्चों को खतरे में डालने के 16-16 गंभीर मामले दर्ज किए गए हैं। आरोपियों ने अदालत में खुद को निर्दोष बताया, जिसके बाद प्रत्येक की जमानत राशि तीन लाख डॉलर निर्धारित की गई।
दूसरे मामले की जांच के दौरान हुआ खुलासा
अधिकारियों के मुताबिक, पुलिस और ओहायो ब्यूरो ऑफ क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन की टीम एक समानांतर जांच के सिलसिले में तलाशी वारंट लेकर घर पहुंची थी। जांच एजेंसियों को पहले से यह जानकारी नहीं थी कि मकान में इतनी बड़ी संख्या में बच्चे मौजूद हैं। घर में दाखिल होने के बाद अधिकारियों को वहां बच्चों के रहने की स्थिति का पता चला।
ओहायो के अटॉर्नी जनरल एंडी विल्सन ने परिस्थितियों को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि कार्रवाई में थोड़ी और देरी होने पर किसी बच्चे की जान भी जा सकती थी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह मानव तस्करी का मामला नहीं है, बल्कि एक ही परिवार के भीतर बच्चों की कथित उपेक्षा और उत्पीड़न से जुड़ा मामला है।
छोटे से कमरे में रखे जाने का आरोप
जांच अधिकारियों का दावा है कि बच्चों को लंबे समय तक घर के करीब 12 फीट गुणा 12 फीट के एक छोटे क्षेत्र में सीमित रखा गया था। मकान में मानव मल और भारी गंदगी मौजूद थी। विंटन काउंटी के शेरिफ रयान केन ने घर की स्थिति को बेहद खराब बताया और कहा कि बच्चों को रहने योग्य बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं थीं।
अधिकारियों के अनुसार, कई बच्चों का कभी स्कूल में दाखिला नहीं कराया गया था। कुछ बच्चे ठीक से बोल नहीं पा रहे थे, जबकि परिवार की 18 वर्षीय मानसिक रूप से दिव्यांग लड़की अपना नाम तक नहीं लिख पाती थी। अधिकारियों का मानना है कि परिवार लगातार स्थान बदलकर बच्चों को स्कूल, अस्पताल और सरकारी एजेंसियों की नजरों से दूर रखता था। आसपास रहने वाले लोगों ने भी बताया कि उन्होंने घर के बाहर बच्चों को शायद ही कभी देखा था।
सात बच्चे अस्पताल में भर्ती
रेस्क्यू के बाद सात बच्चों को अस्पताल पहुंचाया गया, जिनमें से दो को गंभीर स्थिति के कारण हेलीकॉप्टर से ट्रॉमा सेंटर भेजा गया। एक बच्चे की हालत नाजुक बताई गई। बाकी बच्चों को भी मेडिकल जांच और आवश्यक देखभाल उपलब्ध कराई जा रही है। फिलहाल सभी बच्चे संबंधित बाल कल्याण एजेंसियों की सुरक्षा में हैं और प्रशासन उनकी अस्थायी कस्टडी तथा पुनर्वास की व्यवस्था कर रहा है।
ओहायो के गवर्नर माइक डिवाइन ने घटना को हृदयविदारक बताते हुए पुलिस, चिकित्सा कर्मचारियों और बाल संरक्षण अधिकारियों का धन्यवाद किया है। मामले की जांच अभी जारी है और अधिकारियों ने संकेत दिया है कि सबूतों के आधार पर आगे अतिरिक्त आरोप भी लगाए जा सकते हैं।

