12 Aug 2026, Wed

चीन के पूर्व प्रधानमंत्री Zhu Rongji का निधन, अपने देश को आर्थिक शक्ति बनाने में किया था बड़ा योगदान

बीजिंग: चीन के पूर्व प्रधानमंत्री झू रोंगजी (Zhu Rongji) का 98 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। चीनी सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, उन्होंने बुधवार सुबह लगभग 11 बजे बीजिंग में बीमारी के कारण अंतिम सांस ली। झू रोंगजी को आधुनिक चीन के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिना जाता है और उन्हें चीन की आर्थिक व्यवस्था में बड़े सुधारों तथा देश को वैश्विक अर्थव्यवस्था से जोड़ने का प्रमुख श्रेय दिया जाता है।

झू रोंगजी ने 1998 से 2003 तक चीन के प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया। उनके कार्यकाल के दौरान सरकारी स्वामित्व वाले उद्योगों में व्यापक सुधार किए गए और चीन को विश्व व्यापार संगठन (WTO) की सदस्यता दिलाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। अर्थशास्त्रियों का मानना है कि इन कदमों ने चीन की आर्थिक वृद्धि को नई दिशा दी और उसे दुनिया की प्रमुख निर्यातक अर्थव्यवस्थाओं में बदलने की नींव रखी।

उनके नेतृत्व में चीन ने आर्थिक उदारीकरण और संरचनात्मक सुधारों को तेज गति से आगे बढ़ाया। सरकारी उद्योगों के पुनर्गठन, बैंकिंग क्षेत्र में सुधार और बाजार आधारित नीतियों को बढ़ावा देने जैसे कदमों को उस दौर के सबसे कठिन लेकिन निर्णायक फैसलों में माना जाता है। इन सुधारों के कारण चीन में औद्योगिक उत्पादन, विदेशी निवेश और निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।

झू रोंगजी का राजनीतिक जीवन भी उतार-चढ़ाव से भरा रहा। सांस्कृतिक क्रांति के दौर में उन्हें कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा और एक समय उन्हें ग्रामीण क्षेत्रों में शारीरिक श्रम के लिए भेजा गया था। हालांकि बाद में उन्होंने चीनी नेतृत्व में अपनी मजबूत पहचान बनाई और आर्थिक सुधारों के सबसे प्रभावशाली चेहरों में शामिल हो गए।

विशेषज्ञों के अनुसार, झू रोंगजी ने देंग शियाओपिंग द्वारा शुरू किए गए आर्थिक सुधारों को आगे बढ़ाया और उन्हें संस्थागत रूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। WTO में चीन की सदस्यता के बाद देश के निर्यात और विनिर्माण क्षेत्र को जबरदस्त गति मिली। 2000 से 2010 के बीच चीन की आर्थिक वृद्धि दर लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनी रही और 2007 में यह 14.2 प्रतिशत तक पहुंच गई थी।

झू रोंगजी अपने सख्त प्रशासनिक रवैये और स्पष्ट निर्णय लेने की शैली के लिए भी जाने जाते थे। भ्रष्टाचार, वित्तीय अनुशासन और सरकारी दक्षता को लेकर उनका रुख काफी कठोर माना जाता था। उनके समर्थकों का कहना है कि उन्होंने अलोकप्रिय लेकिन आवश्यक आर्थिक सुधार लागू करने का साहस दिखाया।

उनके निधन पर चीन में कई राजनीतिक और आर्थिक विश्लेषकों ने शोक व्यक्त किया है। उन्हें ऐसे नेता के रूप में याद किया जा रहा है, जिन्होंने चीन को वैश्विक व्यापार व्यवस्था में मजबूत स्थान दिलाने और आर्थिक आधुनिकीकरण की प्रक्रिया को गति देने में अहम योगदान दिया।

झू रोंगजी की विरासत चीन के आर्थिक इतिहास में लंबे समय तक याद की जाएगी। उनके कार्यकाल में किए गए सुधारों ने न केवल चीन की अर्थव्यवस्था को बदलने में भूमिका निभाई, बल्कि वैश्विक व्यापार और विनिर्माण क्षेत्र पर भी गहरा प्रभाव डाला।

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