9 Oct 2026, Fri

पति को नींद की गोली खिलाकर गला दबाया, दोषी पत्नी को मिली उम्रकैद की सजा

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रोहतास, बिहार: बिहार के रोहतास जिले में करीब चार साल पुराने हत्या के मामले में अदालत ने अहम फैसला सुनाया है। पति अमन कुमार की हत्या के मामले में दोषी पाई गई पत्नी पूनम कुमारी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। इसके साथ ही अदालत ने उस पर 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। वहीं, मामले में आरोपित कथित प्रेमी कमलेश कुमार को पर्याप्त सबूत नहीं मिलने के कारण बरी कर दिया गया। अदालत के इस फैसले के बाद मृतक के परिजनों ने संतोष व्यक्त किया है।

2022 में हुई थी अमन कुमार की हत्या

यह मामला 13 अक्टूबर 2022 का है। जानकारी के अनुसार, रोहतास जिले के चेनारी थाना क्षेत्र के नरैना गांव में अमन कुमार की हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद मृतक के पिता मुरली मनोहर सिंह ने पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। शिकायत में अमन कुमार की पत्नी पूनम कुमारी और कमलेश कुमार पर हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया गया था।

प्राथमिकी में आरोप लगाया गया था कि पूनम कुमारी ने कथित तौर पर अपने पति को नींद की गोली देकर सुला दिया और इसके बाद गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। आरोप के मुताबिक, इस वारदात में कमलेश कुमार की भी भूमिका थी। हालांकि, ये आरोप मामले की सुनवाई का हिस्सा थे और दोनों आरोपितों के खिलाफ अदालत में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अलग-अलग निर्णय लिया गया।

नौ गवाहों के बयान के आधार पर हुई सुनवाई

घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी। जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद मामला अदालत तक पहुंचा, जहां इसकी सुनवाई की गई। अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में कुल नौ गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। गवाहों की गवाही और पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर मामले की सुनवाई आगे बढ़ी।

तृतीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश जीवन लाल की अदालत ने सुनवाई पूरी होने के बाद पूनम कुमारी को पति की हत्या का दोषी ठहराया। इसके बाद उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। अदालत ने दोषी महिला पर 15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।

कथित प्रेमी को क्यों किया गया बरी?

इस मामले में कमलेश कुमार पर भी हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया गया था। हालांकि, सुनवाई के दौरान उसके खिलाफ आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिल सके। इसी आधार पर अदालत ने उसे बरी करने का फैसला सुनाया।

इस फैसले में दोनों आरोपितों की भूमिका को लेकर अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अलग-अलग निष्कर्ष निकाले। जहां पूनम कुमारी को हत्या का दोषी माना गया, वहीं कमलेश कुमार के खिलाफ आरोप साबित नहीं हो सके।

फैसले के बाद परिजनों ने जताया संतोष

अदालत का फैसला आने के बाद मृतक अमन कुमार के परिजनों ने संतोष व्यक्त किया। उनके लिए यह मामला लंबे समय से न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा बना हुआ था। लगभग चार साल बाद आए इस फैसले से मामले में एक महत्वपूर्ण कानूनी पड़ाव पूरा हुआ है।

इस घटना ने पारिवारिक संबंधों और आपराधिक मामलों की जांच से जुड़े कई सवालों को भी सामने रखा। फिलहाल, अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूनम कुमारी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है, जबकि कमलेश कुमार को पर्याप्त सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया।

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