बरेली: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। आंवला से पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप भारतीय जनता पार्टी (BJP) से इस्तीफा देने के बाद समाजवादी पार्टी (सपा) के नेताओं के साथ नजर आए हैं। वह बरेली में सपा नेता डॉ. अनीस बेग के जन्मदिन के मौके पर आयोजित समारोह में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने पार्टी के स्थानीय नेताओं के साथ केक काटा और तस्वीरें भी खिंचवाईं। उनकी इस मौजूदगी के बाद राजनीतिक गलियारों में उनके अगले कदम को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
सपा नेताओं के साथ तस्वीरें हुईं वायरल
डॉ. अनीस बेग के जन्मदिन समारोह में धर्मेंद्र कश्यप की मौजूदगी को राजनीतिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है। कार्यक्रम में वह सपा जिलाध्यक्ष समेत कई नेताओं के साथ दिखाई दिए। बाद में उन्होंने समारोह की तस्वीरें अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भी साझा कीं।
बीजेपी से दूरी बनाने के तुरंत बाद सपा नेताओं के साथ उनकी तस्वीरें सामने आने से राजनीतिक अटकलों को हवा मिली है। चर्चा है कि क्या धर्मेंद्र कश्यप आने वाले दिनों में समाजवादी पार्टी का दामन थाम सकते हैं। हालांकि, अभी तक उनके सपा में शामिल होने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है।
बीजेपी से क्यों नाराज थे धर्मेंद्र कश्यप?
धर्मेंद्र कश्यप ने हाल ही में बीजेपी से अलग होने का फैसला किया था। उन्होंने पार्टी के भीतर असहजता महसूस होने की बात कही थी। उनका आरोप था कि 2024 के लोकसभा चुनाव में जिन लोगों ने उनका विरोध किया और उन्हें हराने की कोशिश की, पार्टी अब उन्हीं लोगों को महत्व दे रही है और उन्हें नए पदों की जिम्मेदारी सौंप रही है।
उनकी नाराजगी को पार्टी के भीतर राजनीतिक अनदेखी से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, उनके इस्तीफे के बाद आगे की राजनीतिक रणनीति को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हुई थी। अब सपा नेताओं के साथ उनकी मुलाकात और सार्वजनिक कार्यक्रम में भागीदारी ने इस चर्चा को और तेज कर दिया है कि वह किस राजनीतिक दल के साथ आगे बढ़ेंगे।
क्या सपा में शामिल होंगे पूर्व सांसद?
धर्मेंद्र कश्यप का सपा नेताओं के साथ नजर आना अपने आप में उनके पार्टी में शामिल होने की पुष्टि नहीं करता। राजनीतिक कार्यक्रमों में अलग-अलग दलों के नेताओं की मौजूदगी कई बार चर्चा का विषय बनती है, लेकिन किसी पार्टी में शामिल होने के लिए औपचारिक घोषणा या संबंधित राजनीतिक प्रक्रिया जरूरी होती है।
फिलहाल धर्मेंद्र कश्यप की ओर से समाजवादी पार्टी में शामिल होने को लेकर कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर लगाई जा रही अटकलों को अभी संभावनाओं के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
बरेली और आंवला की राजनीति पर रहेगी नजर
धर्मेंद्र कश्यप की राजनीतिक गतिविधियों पर अब बरेली और आंवला के राजनीतिक हलकों की नजर रहेगी। पूर्व सांसद होने के कारण क्षेत्र में उनकी राजनीतिक भूमिका और भविष्य की रणनीति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बीजेपी से इस्तीफा, पार्टी नेतृत्व को लेकर नाराजगी और अब सपा नेताओं के साथ सार्वजनिक कार्यक्रम में उनकी मौजूदगी ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट हो सकता है कि धर्मेंद्र कश्यप किसी नए राजनीतिक दल में शामिल होते हैं या फिलहाल अपनी स्वतंत्र राजनीतिक रणनीति के साथ आगे बढ़ते हैं।

