9 Oct 2026, Fri

अंतिम विदाई में मकरंद अनासपुरे के आंसुओं ने बयां किया दर्द, नाना पाटेकर के पार्थिव शरीर को देख फूट-फूटकर रोए जिगरी दोस्त

मुंबई: दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन से फिल्म जगत और उनके चाहने वालों में शोक की लहर है। 75 वर्ष की उम्र में उनके निधन की खबर ने परिवार, दोस्तों और प्रशंसकों को गहरा सदमा पहुंचाया है। उनके अंतिम संस्कार के दौरान कई करीबी लोग भावुक नजर आए, लेकिन मराठी अभिनेता मकरंद अनासपुरे को अपने दोस्त को अंतिम विदाई देते समय संभल पाना मुश्किल हो गया। नाना के पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन करते हुए मकरंद फूट-फूटकर रो पड़े। उनका यह भावुक पल दोनों के बीच गहरे रिश्ते की याद दिलाता है।

दोस्त को खोने के गम में टूट गए मकरंद अनासपुरे

नाना पाटेकर के अंतिम संस्कार में फिल्म इंडस्ट्री और राजनीतिक जगत से जुड़ी कई हस्तियां शामिल हुईं। परिवार के सदस्यों और प्रशंसकों ने भी उन्हें अंतिम विदाई दी। इसी दौरान मकरंद अनासपुरे अपने करीबी दोस्त के अंतिम दर्शन करने पहुंचे।

बताया जा रहा है कि नाना को इस अवस्था में देखकर मकरंद अपने आंसुओं को रोक नहीं पाए। वह बेहद भावुक हो गए और नाम फाउंडेशन के सीईओ गणेश थोरात को गले लगाकर रोने लगे। इस दृश्य ने वहां मौजूद लोगों को भी भावुक कर दिया।

मकरंद और नाना का रिश्ता केवल फिल्मों तक सीमित नहीं था। दोनों ने लंबे समय तक एक-दूसरे का साथ निभाया और सामाजिक कार्यों में भी मिलकर योगदान दिया। ऐसे में नाना का जाना मकरंद के लिए व्यक्तिगत क्षति के साथ-साथ एक मजबूत सहयोगी को खोने जैसा है।

फिल्मों से आगे बढ़कर समाजसेवा में भी निभाई अहम भूमिका

नाना पाटेकर और मकरंद अनासपुरे ने मिलकर नाम फाउंडेशन की स्थापना की थी। इस संस्था के माध्यम से दोनों ने किसानों की समस्याओं पर ध्यान देने और जरूरतमंद लोगों की मदद करने के लिए काम किया। खास तौर पर आर्थिक संकट से जूझ रहे किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में सहायता पहुंचाने के प्रयासों के कारण यह संस्था चर्चा में रही।

दोनों कलाकारों ने अपनी लोकप्रियता का इस्तेमाल सामाजिक मुद्दों को सामने लाने के लिए किया। उनके प्रयासों में किसानों की मदद, ग्रामीण समुदायों की समस्याओं को समझना और जरूरतमंद परिवारों तक सहायता पहुंचाना शामिल रहा।

इस सामाजिक जुड़ाव ने उनकी दोस्ती को और गहरा बनाया। दोनों के बीच आपसी विश्वास और सहयोग का रिश्ता वर्षों तक कायम रहा। यही वजह है कि नाना के निधन के बाद मकरंद की भावुक प्रतिक्रिया को उनके प्रशंसक भी एक गहरे व्यक्तिगत दुख के रूप में देख रहे हैं।

नाना पाटेकर के निधन से फिल्म जगत में शोक

नाना पाटेकर अपने अभिनय, दमदार संवाद अदायगी और अलग अंदाज के लिए जाने जाते थे। उन्होंने कई यादगार भूमिकाओं के जरिए दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई। अभिनय के साथ-साथ सामाजिक कार्यों में उनकी सक्रियता भी उनकी पहचान का अहम हिस्सा रही।

उनके निधन के बाद फिल्म जगत से जुड़े कई लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके साथ बिताए पलों को याद किया। परिवार, दोस्तों और प्रशंसकों के लिए यह कठिन समय है।

मकरंद अनासपुरे का अपने दोस्त को अंतिम विदाई देते समय भावुक हो जाना इस बात को दर्शाता है कि नाना पाटेकर उनके जीवन में कितनी अहम जगह रखते थे। एक साथी कलाकार, मार्गदर्शक और समाजसेवा के सहयोगी के रूप में नाना की यादें उनके करीबी लोगों के साथ लंबे समय तक रहेंगी।

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