शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 582 अंक टूटा, निफ्टी भी लाल निशान में बंद
मुंबई: घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को निवेशकों को बड़ा झटका लगा, जब प्रमुख सूचकांक भारी गिरावट के साथ बंद हुए। पूरे दिन बाजार में उतार-चढ़ाव का माहौल बना रहा, लेकिन अंत में बिकवाली हावी रही और सेंसेक्स-निफ्टी दोनों लाल निशान में फिसल गए।
सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट
बीएसई सेंसेक्स 582.86 अंक गिरकर 76,913.50 पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 50 भी 180.10 अंकों की कमजोरी के साथ 23,997.55 पर बंद हुआ। बाजार की इस गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है और अल्पकालिक दबाव को और स्पष्ट कर दिया है।
मेटल शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव
बाजार में सबसे अधिक बिकवाली मेटल सेक्टर में देखने को मिली, जहां शेयरों में 2% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक मांग में अनिश्चितता और कमजोर संकेतों के कारण इस सेक्टर पर लगातार दबाव बना हुआ है।
इसके अलावा पीएसयू बैंक, FMCG और ऑटो सेक्टर के शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली, जिससे बाजार की गिरावट और व्यापक हो गई।
सेक्टोरल कमजोरी ने बढ़ाया दबाव
विश्लेषकों के अनुसार, लगभग सभी प्रमुख सेक्टर्स में दबाव देखने को मिला। बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों में बिकवाली के कारण बाजार को सपोर्ट नहीं मिल पाया। FMCG सेक्टर में भी मुनाफावसूली का असर दिखा, जबकि ऑटो सेक्टर की धीमी मांग ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया।
वैश्विक संकेतों का असर
शेयर बाजार की इस गिरावट के पीछे वैश्विक बाजारों के कमजोर संकेतों को भी एक बड़ा कारण माना जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक अनिश्चितता और ब्याज दरों को लेकर चिंताओं ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है।
इसके चलते विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की गतिविधियों में भी बदलाव देखा गया, जिससे बाजार पर अतिरिक्त दबाव बना।
निवेशकों की सतर्कता बढ़ी
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा स्तरों पर निवेशक काफी सतर्कता बरत रहे हैं। लगातार हो रही अस्थिरता के कारण शॉर्ट टर्म में मुनाफावसूली का दौर देखा जा रहा है।
हालांकि, कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह गिरावट अवसर भी प्रदान कर सकती है, लेकिन इसके लिए सही सेक्टर और स्टॉक्स का चयन जरूरी होगा।
आगे क्या रहेगा रुझान?
विश्लेषकों के अनुसार, आने वाले दिनों में बाजार की दिशा वैश्विक संकेतों, घरेलू आर्थिक आंकड़ों और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर निर्भर करेगी। यदि सकारात्मक संकेत मिलते हैं तो बाजार में रिकवरी संभव है, अन्यथा उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
फिलहाल, बाजार में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है और निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।

