15 May 2026, Fri

सुबह 11 से शाम 4 बजे तक बाहर जाना क्यों है खतरनाक? चंद मिनट की धूप भी बिगाड़ सकती है सेहत

देशभर में लगातार बढ़ती गर्मी और तेज धूप लोगों की सेहत पर गंभीर असर डाल रही है। मई-जून के महीनों में तापमान तेजी से बढ़ने लगता है और दोपहर के समय धूप सबसे ज्यादा खतरनाक मानी जाती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक का समय सबसे अधिक जोखिम भरा होता है। इस दौरान तेज धूप में बाहर निकलने से हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।

डॉक्टरों का कहना है कि इस समय सूर्य की किरणें सबसे ज्यादा तीव्र होती हैं और तापमान अपने चरम पर पहुंच जाता है। ऐसे में शरीर की प्राकृतिक कूलिंग प्रणाली पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। यदि कोई व्यक्ति लंबे समय तक धूप में रहता है, तो शरीर खुद को ठंडा रखने के लिए ज्यादा मेहनत करने लगता है, जिससे स्वास्थ्य बिगड़ सकता है।

क्यों खतरनाक है दोपहर की धूप?

विशेषज्ञों के मुताबिक दोपहर 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच सूर्य की अल्ट्रावॉयलेट (UV) किरणें सबसे ज्यादा प्रभावी होती हैं। इस दौरान शरीर तेजी से गर्म होता है और पसीने के जरिए पानी की कमी होने लगती है। यही वजह है कि इस समय बाहर रहने से डिहाइड्रेशन यानी निर्जलीकरण का खतरा बढ़ जाता है।

जब शरीर में पानी की कमी होने लगती है तो थकान, कमजोरी, चक्कर आना और सिरदर्द जैसी समस्याएं शुरू हो सकती हैं। कई बार लोगों को शुरुआत में इसके लक्षण महसूस नहीं होते, लेकिन शरीर अंदर ही अंदर गर्मी से लड़ने में जुटा रहता है। अगर समय रहते सावधानी न बरती जाए, तो यह स्थिति हीट स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्या में बदल सकती है।

हार्ट और ब्लड प्रेशर पर भी पड़ता है असर

तेज गर्मी सिर्फ थकान ही नहीं बढ़ाती, बल्कि इसका असर दिल और ब्लड सर्कुलेशन पर भी पड़ता है। डॉक्टरों के अनुसार गर्म मौसम में शरीर को ठंडा बनाए रखने के लिए त्वचा की ओर ज्यादा ब्लड फ्लो भेजना पड़ता है। इससे दिल पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और ब्लड प्रेशर असंतुलित हो सकता है।

जो लोग पहले से हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर या डायबिटीज जैसी बीमारियों से जूझ रहे हैं, उनके लिए तेज धूप में बाहर निकलना और भी ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है।

किन लोगों को ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत?

विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा संवेदनशील होते हैं। अक्सर बच्चे खेलते समय गर्मी का अंदाजा नहीं लगा पाते, जबकि बुजुर्गों की शरीर की तापमान नियंत्रित करने की क्षमता कमजोर हो जाती है। ऐसे में इन दोनों वर्गों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए।

इसके अलावा बाहर काम करने वाले मजदूर, डिलीवरी स्टाफ, ट्रैफिक पुलिसकर्मी और रोजाना यात्रा करने वाले लोग भी ज्यादा जोखिम में रहते हैं। हालांकि डॉक्टर यह भी कहते हैं कि सिर्फ लंबे समय तक धूप में रहना ही खतरनाक नहीं है, बल्कि कुछ मिनटों की लापरवाही भी शरीर को नुकसान पहुंचा सकती है।

कैसे करें बचाव?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह है कि दोपहर के समय जरूरी न हो तो घर से बाहर न निकलें। यदि बाहर जाना जरूरी हो, तो सिर को ढककर रखें, हल्के रंग के कपड़े पहनें और पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें। नारियल पानी, नींबू पानी और ओआरएस जैसे पेय पदार्थ शरीर में पानी की कमी पूरी करने में मदद करते हैं।

डॉक्टरों का कहना है कि गर्मी को हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है। इसलिए तेज धूप के समय सावधानी बरतना बेहद जरूरी है, ताकि हीट स्ट्रोक और अन्य गंभीर बीमारियों से बचा जा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *