घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया, जिसके चलते सेंसेक्स और निफ्टी में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। दिन की शुरुआत हल्की बढ़त के साथ हुई थी, लेकिन बाद में वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों और मुनाफावसूली (Profit Booking) के दबाव ने बाजार की रफ्तार को धीमा कर दिया। विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया।
बीएसई सेंसेक्स कारोबार के दौरान 114 अंक गिरकर 77,844.52 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी भी हल्की गिरावट के साथ 24,326.65 के आसपास ट्रेड करता दिखा और लगभग 4 अंकों की कमजोरी दर्ज की गई। इससे एक दिन पहले ही बाजार में जबरदस्त तेजी देखी गई थी, जब दोनों प्रमुख सूचकांकों में 1.2 प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज हुई थी। हालांकि, गुरुवार को यह तेजी टिक नहीं सकी और बाजार लाल निशान में फिसल गया।
विश्लेषकों के अनुसार, हालिया तेजी के बाद निवेशकों ने ऊपरी स्तरों पर मुनाफा वसूली शुरू कर दी, जिससे बाजार पर दबाव बना। इसके अलावा, वैश्विक स्तर पर आर्थिक अनिश्चितताओं और ब्याज दरों को लेकर बनी चिंताओं ने भी निवेशकों को सतर्क कर दिया है।
सेंसेक्स में शामिल प्रमुख कंपनियों के शेयरों में भी मिला-जुला रुझान देखने को मिला। हिंदुस्तान यूनिलीवर, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), टेक महिंद्रा, टाइटन, सन फार्मा और ITC जैसे बड़े शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। इन कंपनियों के कमजोर प्रदर्शन ने इंडेक्स पर नकारात्मक असर डाला।
वहीं दूसरी ओर, कुछ दिग्गज कंपनियों ने बाजार को सपोर्ट देने की कोशिश की। महिंद्रा एंड महिंद्रा, NTPC, कोटक महिंद्रा बैंक और टाटा स्टील के शेयरों में बढ़त देखी गई, जिससे बाजार की गिरावट कुछ हद तक सीमित रही।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा समय में शेयर बाजार वैश्विक संकेतों और घरेलू आर्थिक आंकड़ों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा है। आने वाले सत्रों में बाजार की दिशा विदेशी निवेश प्रवाह, कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक घटनाक्रमों पर निर्भर करेगी।
कुल मिलाकर, गुरुवार का कारोबारी सत्र यह संकेत देता है कि बाजार में अभी भी अस्थिरता बनी रह सकती है और निवेशकों को सतर्कता के साथ कदम उठाने की जरूरत है।

