नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। आपदा के छठे दिन भी सेना और पुलिस की टीमें प्रभावित इलाकों में लगातार राहत और बचाव अभियान चला रही हैं। बाढ़ और भूस्खलन की वजह से बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हुआ है। इस मुश्किल घड़ी में चीन ने नेपाल की मदद के लिए आर्थिक सहायता भेजी है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री ली क्विंग ने भी नेपाल में हुई तबाही पर दुख जताते हुए संवेदना व्यक्त की है।
नेपाल सरकार की ओर से सोमवार को दी गई जानकारी के मुताबिक, चीन ने बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए कुल 22 लाख अमेरिकी डॉलर की आर्थिक मदद दी है। इस सहायता का इस्तेमाल आपदा से प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने और प्रभावित क्षेत्रों में जरूरी मदद उपलब्ध कराने के लिए किया जाएगा।
चीन ने दी 22 लाख डॉलर की मदद
जानकारी के अनुसार, चीन के राजदूत झांग माओमिंग ने नेपाल के वित्त मंत्री स्वर्णिम वाग्ले को चीनी सरकार की ओर से आर्थिक सहायता का चेक सौंपा। इसमें करीब 35 करोड़ नेपाली रुपये यानी 20 लाख अमेरिकी डॉलर की सहायता शामिल है।
इसके अलावा चीनी रेड क्रॉस की ओर से नेपाल को 2 लाख अमेरिकी डॉलर की अतिरिक्त सहायता दी गई है। इस तरह चीन सरकार और चीनी रेड क्रॉस की ओर से नेपाल को कुल 22 लाख अमेरिकी डॉलर की मदद मिली है।
चीनी राजदूत ने इस दौरान नेपाल के प्रति समर्थन जताते हुए कहा कि इस आपदा में नेपाल अकेला नहीं है और चीन हमेशा उसके साथ खड़ा रहेगा। चीन की ओर से मिली यह सहायता ऐसे समय में आई है, जब नेपाल बड़े पैमाने पर राहत और बचाव अभियान चला रहा है।
शी जिनपिंग ने जताया शोक
नेपाल में हुई भारी तबाही पर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री ली क्विंग ने भी शोक व्यक्त किया है। उन्होंने आपदा में मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई और प्रभावित लोगों के प्रति समर्थन व्यक्त किया।
इस प्राकृतिक आपदा का असर केवल नेपाल तक सीमित नहीं रहा है। चीन के तिब्बत क्षेत्र में भी बाढ़ और संबंधित घटनाओं के कारण नुकसान हुआ है। जानकारी के मुताबिक, तिब्बत में 16 लोगों की मौत हुई है, जबकि करीब 550 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
804 लोगों की मौत, 2500 से ज्यादा लापता
नेपाल में बाढ़ से तबाही का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब तक 804 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। वहीं, 2500 से ज्यादा लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव दलों ने अब तक 9500 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाल लिया है।
प्रभावित क्षेत्रों में मलबा हटाने और लापता लोगों की तलाश का काम लगातार जारी है। कई जगहों से बरामद शवों की पहचान करना भी मुश्किल हो रहा है। शवों की स्थिति खराब होने के कारण उनकी पहचान के लिए DNA सैंपल लिए जा रहे हैं।
राहत कोष में जमा हुए 5 अरब रुपये से ज्यादा
नेपाल सरकार ने बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए प्रधानमंत्री आपदा राहत कोष बनाया है। सरकार के मुताबिक, इस कोष में अब तक 5 अरब नेपाली रुपये से ज्यादा की राशि जमा हो चुकी है।
नेपाल सरकार का कहना है कि राहत कोष और प्रधानमंत्री कोष के माध्यम से प्रभावित लोगों तक आर्थिक सहायता पहुंचाने का काम जारी है। इसके साथ ही देश-विदेश से मिलने वाली सहायता का रिकॉर्ड पारदर्शी रखने के लिए ‘रेस्क्यू रिक्वेस्ट पोर्टल’ के जरिए धनराशि और राहत संबंधी जानकारी जुटाई जा रही है।
फिलहाल नेपाल में प्राथमिकता लापता लोगों की तलाश, प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना और बाढ़ से तबाह इलाकों में जरूरी सेवाओं को बहाल करना है। चीन की ओर से मिली आर्थिक सहायता इस राहत अभियान में नेपाल के लिए महत्वपूर्ण मदद साबित हो सकती है।

