दलीप ट्रॉफी 2026 में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया है। ईस्ट जोन की ओर से खेल रहे वैभव ने सेंट्रल जोन के खिलाफ मुकाबले में धमाकेदार बल्लेबाजी करते हुए न सिर्फ अर्धशतक लगाया, बल्कि दलीप ट्रॉफी के इतिहास में एक बड़ा रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। महज 15 साल की उम्र में वैभव ने 57 साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़कर इतिहास रच दिया है।
वैभव सूर्यवंशी के लिए दलीप ट्रॉफी का पहला मुकाबला उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था। नॉर्थ ईस्ट जोन के खिलाफ मैच में वह केवल 8 रन बनाकर आउट हो गए थे। हालांकि, उन्होंने गेंदबाजी में जरूर कमाल दिखाया और दो विकेट हासिल किए थे। ईस्ट जोन ने यह मुकाबला पारी से जीत लिया था, जिसके कारण वैभव को दूसरी पारी में बल्लेबाजी करने का मौका नहीं मिला।
सेंट्रल जोन के खिलाफ दिखाया आक्रामक अंदाज
अपने दूसरे मुकाबले में वैभव ने शानदार वापसी की। ईस्ट जोन और सेंट्रल जोन के बीच खेले जा रहे मुकाबले में सेंट्रल जोन ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 266 रन बनाए। इसके जवाब में ईस्ट जोन की पारी की शुरुआत वैभव सूर्यवंशी और अभिमन्यु ईश्वरन ने की।
वैभव ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया और तेजी से रन बनाते हुए महज 42 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया। उनकी बल्लेबाजी में आत्मविश्वास साफ नजर आया। इस दौरान उन्होंने एक छक्का भी लगाया। हालांकि, उनकी पारी के दौरान उन्हें दो जीवनदान भी मिले, जब विपक्षी टीम के खिलाड़ियों ने उनके कैच छोड़ दिए।
57 साल पुराना रिकॉर्ड हुआ ध्वस्त
अर्धशतक पूरा करते ही वैभव सूर्यवंशी ने दलीप ट्रॉफी में एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। वह इस प्रतिष्ठित घरेलू टूर्नामेंट में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं।
31 अगस्त 2026 को वैभव की उम्र 15 साल और 157 दिन है। इससे पहले यह रिकॉर्ड लक्ष्मण सिंह के नाम था। लक्ष्मण सिंह ने 1969 में 16 साल और 23 दिन की उम्र में दलीप ट्रॉफी में अर्धशतक लगाया था। यानी वैभव ने करीब 57 साल पुराने इस रिकॉर्ड को तोड़ दिया है।
इस रिकॉर्ड लिस्ट में तीसरे स्थान पर पीयूष चावला का नाम आता है। उन्होंने 2005 में 16 साल और 307 दिन की उम्र में दलीप ट्रॉफी में अर्धशतक लगाया था।
शतक से सिर्फ 8 रन दूर रह गए वैभव
अर्धशतक पूरा करने के बाद भी वैभव सूर्यवंशी ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी जारी रखी। वह तेजी से शतक की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन 92 रन के निजी स्कोर पर उनकी पारी समाप्त हो गई। वैभव ने 79 गेंदों का सामना करते हुए 92 रन बनाए।
अपनी इस शानदार पारी में उन्होंने 7 चौके और 7 छक्के लगाए। उनका स्ट्राइक रेट 116.46 रहा। वह शतक से महज 8 रन दूर रह गए। हालांकि, शतक से चूकने के बावजूद उनकी इस पारी ने उन्हें दलीप ट्रॉफी के इतिहास में खास जगह दिला दी।
वैभव सूर्यवंशी लगातार कम उम्र में बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर रहे हैं। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और बड़े शॉट खेलने की क्षमता ने घरेलू क्रिकेट में पहले ही काफी ध्यान आकर्षित किया है। दलीप ट्रॉफी में यह पारी उनके बढ़ते कद का एक और बड़ा उदाहरण बन गई है।

