हिमाचल प्रदेश में मानसून की बारिश लगातार मुश्किलें बढ़ा रही है। भारी बारिश के चलते प्रदेश के कई हिस्सों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। भूस्खलन और बारिश के कारण बड़ी संख्या में सड़कें बंद हो गई हैं, जबकि बिजली और पेयजल व्यवस्था पर भी असर पड़ा है। राज्य में पिछले 24 घंटों के दौरान 98 सड़कें यातायात के लिए बंद हो गईं और 107 ट्रांसफॉर्मर प्रभावित हुए हैं।
बारिश के कारण कई इलाकों में लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़कों पर मलबा आने और जगह-जगह भूस्खलन होने से यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई है। प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से बंद सड़कों को खोलने का काम किया जा रहा है, लेकिन लगातार बारिश के कारण राहत और बहाली के काम में भी चुनौतियां बनी हुई हैं।
मंडी में सबसे ज्यादा सड़कें प्रभावित
जिला स्तर पर मंडी सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में शामिल है। यहां 43 सड़कें बंद हैं और 89 ट्रांसफॉर्मर प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा चंबा में 15 सड़कें और 5 ट्रांसफॉर्मर, कुल्लू में 16 सड़कें, सोलन में 4 सड़कें और 5 ट्रांसफॉर्मर प्रभावित हुए हैं।
सिरमौर में 5 और शिमला में 2 सड़कें बंद हैं। वहीं कांगड़ा में 7 तथा ऊना में 4 सड़कें बारिश की वजह से प्रभावित हुई हैं। लगातार बारिश ने पेयजल आपूर्ति को भी नुकसान पहुंचाया है। हमीरपुर में बड़ी संख्या में पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं, जिससे लोगों के सामने पानी की समस्या भी खड़ी हो सकती है।
मानसून में अब तक 253 लोगों की जान गई
प्रदेश में इस मानसून सीजन के दौरान बारिश और उससे जुड़ी घटनाओं ने भारी नुकसान पहुंचाया है। 30 जून से 30 अगस्त तक सामने आए आंकड़ों के अनुसार, मानसून अवधि में कुल 253 लोगों की मौत हुई है। इनमें 104 मौतें प्राकृतिक आपदाओं और अन्य घटनाओं से जुड़ी हैं, जबकि 149 लोगों की जान सड़क हादसों में गई है।
प्राकृतिक आपदाओं के कारण शिमला और कांगड़ा में सबसे ज्यादा मौतें दर्ज की गई हैं। मंडी, सिरमौर और चंबा में भी बारिश से जुड़ी घटनाओं में कई लोगों की जान गई है। सड़क दुर्घटनाओं में भी कई जिलों में बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई है।
शिमला-कालका रेल मार्ग पर ट्रेन सेवाएं प्रभावित
लगातार बारिश का असर रेल सेवाओं पर भी पड़ा है। सोलन जिले में शिमला-कालका छोटी रेल लाइन के एक हिस्से के आसपास मिट्टी खिसकने के बाद ट्रैक को नुकसान पहुंचने की आशंका पैदा हुई। कोटी और गुम्मन रेलवे स्टेशनों के बीच मिट्टी बहने से पटरी का एक हिस्सा कमजोर हो गया।
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस मार्ग पर चलने वाली 10 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। अधिकारियों की ओर से ट्रैक की स्थिति का निरीक्षण किया जा रहा है। जब तक रेल लाइन को सुरक्षित नहीं माना जाता, तब तक सेवाओं को सामान्य करने का फैसला नहीं लिया जाएगा।
लोगों से सावधानी बरतने की अपील
लगातार बारिश और भूस्खलन की घटनाओं को देखते हुए लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी जा रही है। पहाड़ी क्षेत्रों में सड़कें अचानक बंद होने और भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। ऐसे में मौसम की स्थिति और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों को ध्यान में रखकर ही यात्रा करना सुरक्षित रहेगा।

