2 Jul 2026, Thu

WhatsApp चैट से लेकर ऑनलाइन खाने के ऑर्डर तक, जानिए SEBI ने कैसे पर्दाफाश किया ₹144 करोड़ का स्कैम?

भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों को कथित रूप से गुमराह कर करोड़ों रुपये का फायदा कमाने वाले एक बड़े पंप-एंड-डंप घोटाले का खुलासा हुआ है। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड यानी SEBI ने करीब ₹143.79 करोड़ के इस कथित स्कैम में 226 लोगों और संस्थाओं के नेटवर्क की पहचान की है। नियामक की जांच में बैंक लेनदेन और ट्रेडिंग रिकॉर्ड के साथ-साथ WhatsApp चैट, फ्लाइट टिकट, होटल बुकिंग, फूड डिलीवरी ऑर्डर, मोबाइल नंबर और वेबसाइट रिकॉर्ड जैसे डिजिटल सबूतों का भी इस्तेमाल किया गया।

SEBI की 394 पेज की जांच रिपोर्ट में दावा किया गया है कि वर्ष 2017 से 2020 के बीच पांच कंपनियों के शेयरों की कीमतों में कृत्रिम तेजी पैदा की गई। इसके बाद बड़े पैमाने पर प्रचार कर छोटे निवेशकों को इन शेयरों में पैसा लगाने के लिए आकर्षित किया गया। जब शेयरों की कीमतें बढ़ीं, तो कथित ऑपरेटरों और उनसे जुड़ी संस्थाओं ने अपने शेयर बेचकर मुनाफा कमाया, जबकि बाद में कीमतें गिरने से आम निवेशकों को नुकसान उठाना पड़ा।

226 लोगों और संस्थाओं का नेटवर्क आया सामने

जांच के दौरान SEBI ने 226 संस्थाओं और व्यक्तियों के बीच कथित संबंधों का पता लगाया। इनमें शेयर बाजार के कारोबारी, प्रमोटर, मध्यस्थ और प्रचार से जुड़ी संस्थाएं शामिल बताई गई हैं। नियामक ने संबंधित पक्षों से करीब ₹143.79 करोड़ की कथित अवैध कमाई वापस जमा कराने का आदेश दिया है।

इसके अलावा लगभग ₹47.8 करोड़ का जुर्माना भी लगाया गया है। कई आरोपियों को चार से सात वर्षों तक शेयर बाजार में कारोबार करने और प्रतिभूति बाजार से जुड़ी गतिविधियों में हिस्सा लेने से रोकने का निर्देश दिया गया है।

डिजिटल रिकॉर्ड बने जांच का अहम आधार

इस मामले की जांच का सबसे महत्वपूर्ण पहलू डिजिटल सबूत रहे। रिपोर्ट के अनुसार, एक मुख्य आरोपी ने कुछ मोबाइल नंबरों से अपना संबंध होने से इनकार किया था। इसके बाद SEBI ने उन नंबरों से जुड़ी यात्रा और ऑनलाइन गतिविधियों की जांच की।

नियामक ने एयरलाइन टिकट, होटल रिजर्वेशन, फूड डिलीवरी ऐप के ऑर्डर, वेबसाइट रिकॉर्ड, डोमेन हिस्ट्री और SMS डेटा के माध्यम से मोबाइल नंबरों के वास्तविक उपयोगकर्ताओं की पहचान करने की कोशिश की। WhatsApp चैट और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड से भी अलग-अलग आरोपियों के बीच संपर्क और लेनदेन की कड़ियां जोड़ने में मदद मिली।

2.1 करोड़ से ज्यादा SMS भेजने का दावा

SEBI की जांच में यह भी सामने आया कि शेयरों की मांग बढ़ाने के लिए बड़े स्तर पर बल्क SMS अभियान चलाया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, केवल एक शेयर के प्रचार के लिए 2.1 करोड़ से अधिक SMS भेजे गए थे।

इन संदेशों में निवेशकों को संबंधित शेयर खरीदने के लिए प्रेरित किया गया। शेयरों को कम कीमत पर खरीदकर बाद में ऊंचे दाम पर बेचने का लालच दिया गया, जिससे बाजार में कृत्रिम मांग पैदा हुई और शेयरों की कीमतें तेजी से बढ़ीं।

यह मामला दिखाता है कि बाजार नियामक अब वित्तीय रिकॉर्ड के अलावा डिजिटल गतिविधियों को भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बना रहा है। SEBI की कार्रवाई से निवेशकों को यह संदेश मिला है कि सोशल मीडिया, SMS या अनजान निवेश सलाह के आधार पर शेयर खरीदने से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति और आधिकारिक जानकारियों की जांच करना बेहद जरूरी है।

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