जिमी किमेल के बयान पर भड़के डोनाल्ड ट्रंप, ABC से की कार्रवाई की मांग
वॉशिंगटन से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने मशहूर टीवी होस्ट Jimmy Kimmel के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। मामला उनकी पत्नी और अमेरिका की प्रथम महिला Melania Trump पर की गई एक विवादित टिप्पणी से जुड़ा है। ट्रंप ने अमेरिकी टीवी नेटवर्क ABC से किमेल को उनके पद से हटाने की मांग की है।
दरअसल, जिमी किमेल ने अपने लोकप्रिय शो Jimmy Kimmel Live! में एक व्यंग्यात्मक स्किट के दौरान मेलानिया ट्रंप को लेकर टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा कि उनके चेहरे पर “ऐसी चमक है जैसे कोई विधवा बनने का इंतजार कर रही हो।” यह बयान सामने आते ही विवाद खड़ा हो गया और इसे व्यक्तिगत व अपमानजनक टिप्पणी के रूप में देखा गया।
इस टिप्पणी पर सबसे पहले खुद मेलानिया ट्रंप ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर नाराजगी जताते हुए लिखा कि “जिमी किमेल जैसे लोगों को हर शाम टीवी पर आकर घर-घर घृणा और हिंसक बयानबाजी फैलाने का मंच नहीं मिलना चाहिए।” उनके इस बयान के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी खुलकर समर्थन किया और ABC से किमेल को तुरंत हटाने की मांग कर डाली।
व्हाइट हाउस के करीबी सूत्रों के मुताबिक, ट्रंप इस टिप्पणी को न सिर्फ व्यक्तिगत अपमान मानते हैं, बल्कि इसे सार्वजनिक मर्यादा के खिलाफ भी बताते हैं। उनका कहना है कि राष्ट्रीय स्तर के मंचों पर इस तरह की भाषा का इस्तेमाल स्वीकार्य नहीं होना चाहिए।
हालांकि, इस पूरे विवाद पर ABC की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। नेटवर्क की चुप्पी ने इस मुद्दे को और भी गरमा दिया है। मीडिया विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और व्यक्तिगत गरिमा के बीच संतुलन को लेकर एक नई बहस को जन्म दे सकता है।
गौरतलब है कि जिमी किमेल लंबे समय से डोनाल्ड ट्रंप और उनकी नीतियों के आलोचक रहे हैं। उनके शो में अक्सर राजनीतिक व्यंग्य देखने को मिलता है, जिसमें ट्रंप प्रशासन प्रमुख निशाने पर रहता है। इससे पहले भी किमेल कई बार विवादों में रह चुके हैं। पिछले साल एक अन्य टिप्पणी को लेकर उन्हें अस्थायी रूप से निलंबित किया गया था, हालांकि बाद में उन्हें शो में वापस ले लिया गया।
यह घटना ऐसे समय पर सामने आई है जब अमेरिका में मीडिया की भूमिका और सीमाओं को लेकर चर्चा तेज है। राजनीतिक हस्तियों पर व्यंग्य और आलोचना लोकतंत्र का हिस्सा मानी जाती है, लेकिन व्यक्तिगत टिप्पणी कब सीमा पार कर जाती है, यह सवाल एक बार फिर उठ खड़ा हुआ है।
फिलहाल, सभी की नजरें ABC के अगले कदम पर टिकी हैं। क्या नेटवर्क अपने लोकप्रिय होस्ट के खिलाफ कार्रवाई करेगा या अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हवाला देते हुए उनका बचाव करेगा—यह देखना दिलचस्प होगा।

