28 Apr 2026, Tue

‘नारी शक्ति देश की उन्नति का आधार’, उत्तराखंड विधानसभा में महिला आरक्षण पर जोरदार बहस, सीएम धामी का विपक्ष पर तीखा हमला

नारी शक्ति के बिना समाज का विकास संभव नहीं: नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर बोले सीएम पुष्कर सिंह धामी

देहरादून में उत्तराखंड विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र के दौरान नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विस्तृत चर्चा हुई। इस मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सदन को संबोधित करते हुए महिलाओं की भूमिका को राष्ट्र निर्माण का मजबूत आधार बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज का समग्र विकास तब तक संभव नहीं है जब तक उसमें नारी शक्ति की सक्रिय और सशक्त भागीदारी न हो।

“शक्ति के बिना सृजन संभव नहीं” – सीएम धामी

अपने संबोधन की शुरुआत में मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि शक्ति के बिना किसी भी सृजन की कल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने भारत के इतिहास में नारी शक्ति के योगदान को याद करते हुए रानी लक्ष्मीबाई, सावित्रीबाई फुले और कल्पना चावला जैसी महान महिलाओं का उदाहरण दिया। सीएम ने कहा कि इन महिलाओं ने यह साबित किया है कि नारी के सपनों की कोई सीमा नहीं होती।

हर क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रही महिलाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज महिलाएं केवल सहभागिता तक सीमित नहीं हैं, बल्कि नेतृत्व की भूमिका में भी आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने चंद्रयान मिशन, सेना, वायुसेना और एनडीए जैसे क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि हर क्षेत्र में महिलाएं देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रही हैं। उत्तराखंड की मातृशक्ति के योगदान को भी उन्होंने विशेष रूप से सराहा और कहा कि राज्य निर्माण आंदोलन में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर सरकार का रुख

सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए 2023 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम लाकर लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का ऐतिहासिक कदम उठाया। उन्होंने इसे केवल एक संख्या नहीं, बल्कि नीति निर्माण में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में एक क्रांतिकारी प्रयास बताया।

उन्होंने कहा कि इस अधिनियम का उद्देश्य महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में अधिक सशक्त बनाना है ताकि वे देश के विकास में और अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकें।

विपक्ष पर साधा निशाना

मुख्यमंत्री धामी ने अपने संबोधन में विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लोकसभा में इस ऐतिहासिक विधेयक को पारित कराने में देरी विपक्ष की राजनीति के कारण हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने राजनीतिक स्वार्थ के चलते इस महत्वपूर्ण पहल को बाधित किया।

सीएम ने यह भी कहा कि उस समय विपक्षी नेताओं का व्यवहार देश की मातृशक्ति के लिए निराशाजनक था। उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से महाभारत और पौराणिक प्रसंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि इतिहास में भी जब नारी शक्ति का अपमान हुआ है, तब उसके परिणाम गंभीर रहे हैं।

“नारी शक्ति राष्ट्र की प्रगति का आधार”

अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि जब कोई महिला सशक्त होती है, तो वह न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे समाज और राष्ट्र को आगे बढ़ाती है। नारी शक्ति का साहस, समर्पण और नेतृत्व क्षमता देश की प्रगति का मजबूत आधार है।

यह विशेष सत्र राज्य में महिलाओं के अधिकारों और उनके सशक्तिकरण को लेकर एक महत्वपूर्ण संदेश देता है, जिसे सरकार भविष्य की नीतियों का आधार बनाने की दिशा में देख रही है।

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