27 Apr 2026, Mon

Share Market Today: जंग थमी तो भागा शेयर बाजार! सेंसेक्स में 2600 अंकों की तूफानी तेजी, निफ्टी 700 प्वाइंट उछला

ईरान-अमेरिका सीजफायर के ऐलान से शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी

8 अप्रैल को भारतीय शेयर बाजार में एक ऐतिहासिक तेजी देखने को मिली, जब ईरान और अमेरिका के बीच संभावित युद्धविराम (सीजफायर) की खबर ने निवेशकों के बीच सकारात्मक माहौल बना दिया। वैश्विक तनाव में कमी के संकेतों ने दलाल स्ट्रीट में नई ऊर्जा भर दी, जिससे बाजार में चौतरफा खरीदारी देखने को मिली।

बाजार खुलते ही सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ने जोरदार छलांग लगाई। सेंसेक्स करीब 2,696 अंकों की बढ़त के साथ 77,312 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 767 अंकों की तेजी के साथ 23,890 के पार निकल गया। यह उछाल निवेशकों के मजबूत भरोसे और सकारात्मक वैश्विक संकेतों का नतीजा था।

सुबह के सत्र में ही बाजार का रुख पूरी तरह बदल गया। जहां कुछ हफ्तों से बाजार दबाव में था, वहीं इस खबर के बाद अचानक खरीदारी की लहर दौड़ गई। आंकड़ों के अनुसार, करीब 2,534 शेयरों में तेजी देखी गई, जबकि केवल 166 शेयर ही गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। इससे साफ पता चलता है कि बाजार में सकारात्मक भावना कितनी मजबूत रही।

इस तेजी में सबसे ज्यादा फायदा उन सेक्टर्स और कंपनियों को हुआ, जो तेल और बुनियादी ढांचे से जुड़े हैं। तेल की कीमतों में गिरावट की उम्मीद के चलते एविएशन सेक्टर को बड़ा लाभ हुआ और इंडिगो के शेयरों में तेज उछाल देखने को मिला। इसके अलावा, L&T, श्रीराम फाइनेंस, अदाणी पोर्ट्स और अदाणी एंटरप्राइजेज जैसे बड़े शेयर भी निफ्टी के टॉप गेनर्स में शामिल रहे।

वहीं दूसरी ओर, कुछ कंपनियों पर दबाव भी देखने को मिला। तेल की कीमतों में गिरावट का असर ONGC और कोल इंडिया जैसे शेयरों पर पड़ा, जिससे इन स्टॉक्स में कमजोरी देखी गई। हालांकि, यह गिरावट भी व्यापक तेजी के बीच सीमित रही।

इस बाजार उछाल के पीछे सबसे बड़ा कारण कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीजफायर की खबर के बाद कच्चा तेल करीब 20% तक सस्ता हो गया। चूंकि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए तेल की कीमतों में गिरावट भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बेहद सकारात्मक मानी जाती है। इससे महंगाई पर नियंत्रण की उम्मीद बढ़ती है और कंपनियों की लागत भी कम होती है, जिससे मुनाफा बढ़ सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह सीजफायर लंबे समय तक स्थिर रहता है और ईरान के साथ शांति वार्ता सफल होती है, तो भारतीय शेयर बाजार में और भी तेजी देखने को मिल सकती है। कुछ विश्लेषकों का यह भी कहना है कि बाजार जल्द ही अपने पुराने रिकॉर्ड स्तरों को भी पार कर सकता है।

कुल मिलाकर, आज का दिन भारतीय शेयर बाजार के लिए बेहद सकारात्मक साबित हुआ। बैंकिंग, आईटी और ऑटो सेक्टर सहित लगभग सभी प्रमुख क्षेत्रों में तेजी देखी गई, जिससे निवेशकों का मनोबल बढ़ा है। फिलहाल, बाजार में सकारात्मक माहौल बना हुआ है और निवेशकों की नजर आगे की वैश्विक घटनाओं और आर्थिक संकेतकों पर टिकी हुई है।

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