देश में ब्याज दरों में बदलाव के बीच फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) निवेशकों के लिए अब भी सुरक्षित और भरोसेमंद विकल्प बना हुआ है। हालांकि पिछले साल की तुलना में इस साल एफडी पर मिलने वाले ब्याज में कुछ कमी देखने को मिली है, लेकिन इसके बावजूद बैंक अभी भी ग्राहकों को आकर्षक रिटर्न दे रहे हैं। देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक State Bank of India (SBI) की एफडी योजनाएं इन दिनों निवेशकों के बीच चर्चा में हैं। खासतौर पर बैंक की 222 दिनों वाली एफडी स्कीम को लेकर लोगों में काफी दिलचस्पी देखी जा रही है।
SBI अपने ग्राहकों को अलग-अलग अवधि की फिक्स्ड डिपॉजिट योजनाओं पर 3.05 प्रतिशत से लेकर 7.15 प्रतिशत तक का ब्याज दे रहा है। बैंक की एफडी योजनाएं कम अवधि से लेकर लंबी अवधि तक उपलब्ध हैं, जिससे ग्राहक अपनी जरूरत के हिसाब से निवेश कर सकते हैं।
अगर कम अवधि की एफडी की बात करें तो SBI में ग्राहक सिर्फ 7 दिनों के लिए भी एफडी खाता खुलवा सकते हैं। बैंक 7 दिनों से लेकर 45 दिनों तक की अवधि वाले एफडी खातों पर 3.05 प्रतिशत से 3.65 प्रतिशत तक का ब्याज दे रहा है। वहीं लंबी अवधि की एफडी योजनाओं में बैंक 5 साल से लेकर 10 साल तक के निवेश पर 6.05 प्रतिशत से लेकर 7.15 प्रतिशत तक का रिटर्न ऑफर कर रहा है।
बैंक की 211 दिनों से लेकर 1 साल तक की एफडी योजनाओं पर भी अच्छी ब्याज दरें मिल रही हैं। SBI सामान्य नागरिकों को इस अवधि की एफडी पर 5.90 प्रतिशत, वरिष्ठ नागरिकों को 6.40 प्रतिशत और अति वरिष्ठ नागरिकों को 6.50 प्रतिशत तक का ब्याज दे रहा है। यही वजह है कि सुरक्षित निवेश पसंद करने वाले लोग अब भी एफडी को प्राथमिकता दे रहे हैं।
इन दिनों SBI की 222 दिनों वाली एफडी स्कीम खास चर्चा में है। अगर कोई सामान्य नागरिक इस स्कीम में 2 लाख रुपये जमा करता है तो मैच्योरिटी पर उसे कुल 2,07,253 रुपये मिलेंगे। यानी निवेशक को 7,253 रुपये का निश्चित ब्याज मिलेगा।
वहीं वरिष्ठ नागरिकों को इस योजना में थोड़ा ज्यादा फायदा मिलेगा। अगर कोई वरिष्ठ नागरिक SBI की 222 दिनों वाली एफडी में 2 लाख रुपये निवेश करता है तो मैच्योरिटी पर उसे कुल 2,07,875 रुपये मिलेंगे। इसमें 7,875 रुपये का ब्याज शामिल होगा।
अति वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह स्कीम और भी फायदेमंद साबित हो सकती है। इस श्रेणी के निवेशकों को 2 लाख रुपये जमा करने पर मैच्योरिटी के समय कुल 2,07,999 रुपये मिलेंगे। यानी उन्हें 7,999 रुपये का फिक्स ब्याज मिलेगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच एफडी अब भी सुरक्षित निवेश का मजबूत विकल्प बनी हुई है। खासकर वरिष्ठ नागरिकों के लिए एफडी योजनाएं नियमित और सुरक्षित आय का जरिया मानी जाती हैं।
हालांकि, निवेशकों को एफडी में पैसा लगाने से पहले अलग-अलग बैंकों की ब्याज दरों की तुलना जरूर करनी चाहिए। साथ ही निवेश की अवधि और टैक्स से जुड़े नियमों को समझना भी जरूरी है।
बैंकिंग विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में ब्याज दरों में और बदलाव संभव है। ऐसे में जो लोग सुरक्षित और गारंटीड रिटर्न चाहते हैं, उनके लिए मौजूदा एफडी दरें अच्छा अवसर साबित हो सकती हैं।

