28 May 2026, Thu

NEET पेपर लीक मामले में 2 और गिरफ्तारियां, CBI के शिकंजे में लातूर के डॉक्टर और पुणे के कोचिंग शिक्षक

नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 के कथित पेपर लीक मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने जांच को आगे बढ़ाते हुए दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन गिरफ्तारियों के साथ ही इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब तक पकड़े गए आरोपियों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। जांच एजेंसी का कहना है कि दोनों आरोपी परीक्षा प्रश्नपत्र लीक करने और छात्रों तक पहुंचाने के नेटवर्क का अहम हिस्सा थे।

CBI के अनुसार गिरफ्तार किए गए आरोपियों में महाराष्ट्र के लातूर निवासी डॉक्टर मनोज शिरुरे और पुणे के कोचिंग शिक्षक तेजस हर्षदकुमार शाह शामिल हैं। एजेंसी को उम्मीद है कि इन गिरफ्तारियों से पेपर लीक रैकेट के कई और महत्वपूर्ण पहलुओं का खुलासा हो सकता है।

डॉक्टर पर छात्रों तक लीक प्रश्न पहुंचाने का आरोप

जांच एजेंसी के मुताबिक, डॉ. मनोज शिरुरे ने तीन छात्रों तक केमिस्ट्री विषय के कथित लीक प्रश्न पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। जांच के दौरान सामने आया कि जिन छात्रों को प्रश्न उपलब्ध कराए गए थे, उनमें एक छात्र एक आरोपी कोचिंग सेंटर संचालक का बेटा भी शामिल है।

CBI का दावा है कि शिरुरे ने ये प्रश्न एक अन्य आरोपी पी. वी. कुलकर्णी से प्राप्त किए थे। एजेंसी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि प्रश्नपत्र लीक होने की प्रक्रिया कब और कैसे शुरू हुई तथा इसमें कितने लोग शामिल थे।

पुणे के कोचिंग शिक्षक की गिरफ्तारी

मामले में गिरफ्तार दूसरा आरोपी तेजस हर्षदकुमार शाह है, जो पुणे स्थित एक मेडिकल कोचिंग संस्थान में फिजिक्स फैकल्टी के रूप में कार्यरत था। जांच में आरोप लगाया गया है कि शाह ने कथित तौर पर फिजिक्स विषय के लीक प्रश्न प्राप्त किए और उन्हें आगे साझा किया।

CBI के अनुसार, उसने ये प्रश्न पहले से गिरफ्तार आरोपी मनीषा हवालदार से हासिल किए थे। एजेंसी अब दोनों आरोपियों से पूछताछ कर नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

देशभर में 49 स्थानों पर छापेमारी

पेपर लीक मामले की जांच के दौरान CBI ने कई राज्यों में बड़े पैमाने पर कार्रवाई की है। अब तक देशभर में 49 अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की जा चुकी है। इन छापों के दौरान जांच एजेंसी ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, लैपटॉप, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं।

जब्त किए गए उपकरणों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। अधिकारियों का मानना है कि डिजिटल डेटा की जांच से पेपर लीक की पूरी साजिश और इसमें शामिल लोगों के बीच हुए संपर्कों का खुलासा हो सकता है।

12 मई को दर्ज हुआ था मामला

NEET-UG 2026 परीक्षा के बाद पेपर लीक की शिकायतें सामने आने लगी थीं। इसके बाद शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग ने मामले की जांच CBI को सौंपने का निर्णय लिया। CBI ने 12 मई को औपचारिक रूप से मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।

जांच शुरू होते ही एजेंसी ने विशेष टीमों का गठन किया और विभिन्न राज्यों में एक साथ कार्रवाई की। अब तक दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे, लातूर और अहिल्यानगर सहित कई शहरों में जांच का दायरा फैल चुका है।

छात्रों और अभिभावकों में चिंता

देशभर में लाखों छात्र NEET परीक्षा के माध्यम से मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश पाने का सपना देखते हैं। ऐसे में पेपर लीक जैसी घटनाओं ने छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आवश्यक है।

CBI का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। एजेंसी पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने और जिम्मेदार लोगों को कानून के दायरे में लाने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है।

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