नई दिल्ली: देशभर में मानसून का असर लगातार तेज बना हुआ है। गुजरात, असम, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर राज्यों समेत कई हिस्सों में भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने सोमवार को 14 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। कई इलाकों में नदियां उफान पर हैं, सड़कों पर जलभराव है और बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है। असम और गुजरात सबसे अधिक प्रभावित राज्यों में शामिल हैं, जहां लाखों लोग बाढ़ की चपेट में हैं और राहत-बचाव अभियान लगातार जारी है।
14 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार को छत्तीसगढ़, ओडिशा, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र और उत्तराखंड के कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना है। इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी तेज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग का कहना है कि पूर्वोत्तर भारत में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रह सकता है।
असम में बाढ़ से बिगड़े हालात
असम में बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। लगातार बारिश और नदियों के जलस्तर में वृद्धि के कारण राज्य के 5 जिलों के 763 गांव प्रभावित हुए हैं। लाखों लोग बाढ़ की मार झेल रहे हैं। कई गांवों का संपर्क टूट गया है और लोग सुरक्षित स्थानों या राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, बारिश और बाढ़ से अब तक 68 लोगों की मौत हो चुकी है। शिवसागर और जोरहाट जैसे जिलों में कई घर पानी में डूब गए हैं। कई परिवार मकानों की छतों पर शरण लेने को मजबूर हैं, जबकि प्रशासन और आपदा राहत दल नावों के जरिए लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में जुटे हैं।
गुजरात में बारिश ने तोड़ा रिकॉर्ड
गुजरात में भी भारी बारिश के कारण हालात चिंताजनक बने हुए हैं। अहमदाबाद में हुई मूसलाधार बारिश ने पिछले 20 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। शहर के कई इलाकों में सड़कों पर दो से ढाई फीट तक पानी भर गया है, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
अहमदाबाद-राजकोट हाईवे पर जलभराव के कारण वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। गैलॉप्स इंडस्ट्रियल पार्क में फंसे 900 से अधिक मजदूरों को निकालने के लिए NDRF, SDRF, कोस्ट गार्ड और सेना की मदद लेनी पड़ी। प्रशासन लगातार जलनिकासी और राहत कार्यों में जुटा हुआ है।
जम्मू-कश्मीर में लैंडस्लाइड से हाईवे बंद
जम्मू-कश्मीर में लगातार बारिश के कारण कई जगह भूस्खलन (लैंडस्लाइड) की घटनाएं सामने आई हैं। डोडा जिले में चिनाब नदी उफान पर है, जिससे कई मकान खतरे की जद में आ गए हैं। वहीं, बनिहाल के रामसू ब्लॉक के गंगरू इलाके में हुए भारी भूस्खलन के बाद जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया।
प्रशासन मलबा हटाकर यातायात बहाल करने में जुटा है। हालांकि मौसम साफ होने के बावजूद नदियां और बांध अभी भी लबालब भरे हुए हैं, जिससे खतरा पूरी तरह टला नहीं है।
उत्तर प्रदेश में उफान पर नदियां
उत्तराखंड और हिमालयी क्षेत्रों में हो रही लगातार बारिश का असर उत्तर प्रदेश में भी दिखाई दे रहा है। राज्य में गंगा, यमुना, घाघरा, शारदा और सरयू समेत कई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। घाघरा और शारदा सहित चार नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
बलिया में नदी कटान के चलते एक मकान देखते ही देखते नदी में समा गया। वहीं बाराबंकी, सीतापुर, पीलीभीत और बहराइच के कई गांवों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
राहत और बचाव अभियान जारी
देश के विभिन्न राज्यों में स्थानीय प्रशासन, NDRF, SDRF और अन्य एजेंसियां राहत एवं बचाव कार्यों में लगातार जुटी हुई हैं। प्रभावित इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है और आवश्यक खाद्य सामग्री व चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
मौसम विभाग ने लोगों से नदी-नालों के किनारे जाने से बचने, पहाड़ी क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा न करने और प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है। अगले कुछ दिनों तक कई राज्यों में भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है, इसलिए सतर्कता बरतना बेहद जरूरी है।

