13 May 2026, Wed

Jewellery Stocks में 12% तक की भारी गिरावट, समझें पीएम मोदी के बयान के क्या हैं मायने

घरेलू शेयर बाजार में सोमवार को भारी गिरावट देखने को मिली, लेकिन सबसे ज्यादा असर ज्वेलरी सेक्टर के शेयरों पर पड़ा। प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा विदेशी मुद्रा बचाने के लिए एक साल तक सोने की खरीद टालने की अपील के बाद ज्वेलरी कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त बिकवाली देखने को मिली। बाजार खुलते ही कई बड़ी कंपनियों के शेयर 12 प्रतिशत तक टूट गए, जिससे निवेशकों में चिंता का माहौल बन गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को हैदराबाद में एक जनसभा को संबोधित करते हुए वैश्विक संकट और पश्चिम एशिया में जारी तनाव का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में देश को विदेशी मुद्रा बचाने की जरूरत है और इसके लिए नागरिकों को कुछ महत्वपूर्ण संकल्प लेने होंगे। प्रधानमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे अगले एक साल तक सोने की खरीदारी और विदेश यात्राओं को टालने पर विचार करें।

प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक युद्ध और तनाव के कारण कच्चे तेल, उर्वरक और अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतों पर दबाव बढ़ रहा है। सप्लाई चेन प्रभावित होने से आर्थिक चुनौतियां भी बढ़ रही हैं। ऐसे समय में देशहित को प्राथमिकता देना जरूरी है।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने पेट्रोल और डीजल के सीमित उपयोग, मेट्रो सेवाओं के इस्तेमाल, कार पूलिंग, इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने और वर्क फ्रॉम होम जैसे उपायों पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि अगर देश के नागरिक मिलकर जिम्मेदारी निभाएं तो विदेशी मुद्रा पर दबाव कम किया जा सकता है।

प्रधानमंत्री की इस अपील का असर सोमवार को शेयर बाजार में साफ दिखाई दिया। ज्वेलरी सेक्टर के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई। Titan Company के शेयर करीब 6.4 प्रतिशत तक टूट गए, जबकि Kalyan Jewellers के शेयरों में 8.3 प्रतिशत की गिरावट आई। वहीं Senco Gold के शेयर 10.7 प्रतिशत तक लुढ़क गए। Sky Gold and Diamonds के शेयरों में सबसे ज्यादा करीब 12.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री की अपील से बाजार को यह संकेत मिला कि आने वाले समय में सोने की मांग पर असर पड़ सकता है। इसका सीधा प्रभाव ज्वेलरी कंपनियों की बिक्री और मुनाफे पर पड़ने की आशंका के रूप में देखा जा रहा है। यही कारण है कि निवेशकों ने ज्वेलरी शेयरों में भारी बिकवाली शुरू कर दी।

हालांकि कुछ बाजार विश्लेषकों का कहना है कि यह गिरावट भावनात्मक प्रतिक्रिया भी हो सकती है और लंबी अवधि में कंपनियों के प्रदर्शन पर वास्तविक असर स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही समझ आएगा। भारत में सोना केवल निवेश का साधन नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक परंपराओं का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। शादी-ब्याह और त्योहारों के दौरान इसकी मांग लगातार बनी रहती है।

ज्वेलरी शेयरों के अलावा सोमवार को पूरे शेयर बाजार में कमजोरी देखने को मिली। BSE Sensex 690 अंकों से ज्यादा टूटकर खुला, जबकि Nifty 50 में भी 200 अंकों से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।

फिलहाल निवेशकों की नजर अब सरकार की आगामी आर्थिक रणनीतियों और वैश्विक हालात पर बनी हुई है।

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