1 Aug 2026, Sat

Commonwealth Games 2026 में 10वें दिन भारत को मिला दूसरा गोल्ड, प्रीति के बाद जैस्मिन लंबोरिया ने भी जीता गोल्ड

नई दिल्ली: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। 1 अगस्त के मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ियों ने कई शानदार सफलताएं हासिल कीं, जिसके बाद भारत के कुल पदकों की संख्या बढ़कर 27 हो गई है। इनमें 7 स्वर्ण, 13 रजत और 7 कांस्य पदक शामिल हैं। दिन का सबसे बड़ा आकर्षण बॉक्सिंग रहा, जहां भारतीय मुक्केबाजों ने गोल्ड मेडल की शानदार बरसात करते हुए देश का मान बढ़ाया।

31 जुलाई तक भारत के खाते में 23 पदक थे, लेकिन 1 अगस्त के मुकाबलों में बॉक्सिंग और एथलेटिक्स में मिले पदकों ने भारत की स्थिति को और मजबूत कर दिया। भारतीय दल अब पदक तालिका में लगातार बेहतर प्रदर्शन की ओर बढ़ रहा है और आने वाले दिनों में पदकों की संख्या में और इजाफा होने की उम्मीद है।

प्रीति पवार और जैस्मिन लंबोरिया ने जीता गोल्ड

भारतीय बॉक्सिंग टीम के लिए यह दिन बेहद यादगार रहा। सबसे पहले प्रीति पवार ने महिलाओं के 54 किलोग्राम वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इसके बाद जैस्मिन लंबोरिया ने महिलाओं के 57 किलोग्राम वर्ग में नॉर्दर्न आयरलैंड की मिकेला वॉल्श को एकतरफा मुकाबले में 5-0 से हराकर गोल्ड मेडल जीत लिया।

जैस्मिन की जीत ने भारतीय बॉक्सिंग टीम के आत्मविश्वास को नई ऊंचाई दी। दोनों मुक्केबाजों ने पूरे टूर्नामेंट में आक्रामक और तकनीकी रूप से बेहतरीन खेल दिखाया। इन जीतों के साथ भारत के स्वर्ण पदकों की संख्या बढ़कर सात हो गई।

ट्रिपल जंप में भारत ने रचा इतिहास

एथलेटिक्स में भी भारत के लिए दिन शानदार रहा। पुरुषों की ट्रिपल जंप प्रतियोगिता में भारत ने दो पदक जीतकर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। प्रवीण चित्रावेल ने 16.58 मीटर की छलांग लगाकर रजत पदक जीता, जबकि सेल्वा प्रभु ने 16.52 मीटर की छलांग के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया।

इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक जाम्बिया के जॉर्डन स्कॉट ने 16.72 मीटर की छलांग लगाकर जीता। हालांकि भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पोडियम पर दो स्थान हासिल किए, जो भारतीय एथलेटिक्स के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

आगे भी पदकों की उम्मीद

भारत को अभी भी बॉक्सिंग, एथलेटिक्स, जूडो और अन्य स्पर्धाओं में कई पदकों की उम्मीद है। 10,000 मीटर दौड़ में पहले ही रजत पदक जीत चुके गुलवीर सिंह अब 5,000 मीटर स्पर्धा में भी पदक जीतने की कोशिश करेंगे। वहीं जूडो में उन्नति शर्मा और पोल वॉल्ट में देव मीणा तथा कुलदीप कुमार से भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।

भारतीय खिलाड़ियों की निरंतर सफलता से यह साफ है कि कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का अभियान मजबूत स्थिति में पहुंच चुका है। बॉक्सिंग में मिले दो स्वर्ण पदकों और ट्रिपल जंप में दो पदकों ने भारतीय दल का मनोबल बढ़ाया है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भारतीय खिलाड़ी इसी लय को बरकरार रखते हैं, तो भारत पदक तालिका में और बेहतर स्थान हासिल कर सकता है। फिलहाल पूरे देश की निगाहें आगामी मुकाबलों पर टिकी हैं, जहां भारतीय खिलाड़ी एक बार फिर स्वर्णिम प्रदर्शन दोहराने की तैयारी में हैं।

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