15 Sep 2026, Tue

डॉक्टर बिमल छाजेर ने बताया कौन सी एक गलती आपके दिल को कर सकती है कमजोर?

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अपनी सेहत पर ध्यान देने के बावजूद कई ऐसी आदतों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिनका असर धीरे-धीरे शरीर पर पड़ सकता है। खराब खानपान, शारीरिक गतिविधियों की कमी और अनियमित दिनचर्या को अक्सर हार्ट हेल्थ के लिए नुकसानदायक माना जाता है। लेकिन इन सबके अलावा लगातार तनाव लेना भी दिल की सेहत के लिए परेशानी खड़ी कर सकता है।

विशेषज्ञों के मुताबिक लंबे समय तक तनाव में रहने से शरीर में कई तरह के बदलाव हो सकते हैं। लगातार चिंता और मानसिक दबाव के कारण शरीर में स्ट्रेस हार्मोन का स्तर बढ़ सकता है। इसका असर दिल की धड़कन और ब्लड प्रेशर पर पड़ सकता है। अगर तनाव लंबे समय तक बना रहे और व्यक्ति अपनी जीवनशैली में बदलाव न करे तो यह स्थिति हृदय स्वास्थ्य के लिए जोखिम बढ़ा सकती है।

लगातार तनाव क्यों है चिंता की बात?

जब व्यक्ति तनाव में होता है तो शरीर का तनाव प्रतिक्रिया तंत्र सक्रिय हो जाता है। इस दौरान कोर्टिसोल जैसे हार्मोन का स्तर बढ़ सकता है। इससे दिल की धड़कन तेज होने और रक्तचाप बढ़ने जैसी स्थितियां पैदा हो सकती हैं। बार-बार ऐसा होने पर हृदय और रक्त वाहिकाओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।

मानसिक तनाव का असर केवल कुछ समय तक महसूस होने वाली बेचैनी तक सीमित नहीं रहता। अगर कोई व्यक्ति लगातार तनाव, चिंता या दबाव में रहता है तो उसकी नींद, खानपान और रोजमर्रा की गतिविधियां भी प्रभावित हो सकती हैं। इससे एक अस्वस्थ जीवनशैली का चक्र बन सकता है, जो लंबे समय में हृदय स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

अकेलापन भी बढ़ा सकता है तनाव

मानसिक और सामाजिक स्वास्थ्य का संबंध भी दिल की सेहत से जुड़ा माना जाता है। लंबे समय तक अकेले रहने या सामाजिक रूप से अलग-थलग महसूस करने से तनाव बढ़ सकता है। ऐसे में लोगों के साथ बातचीत करना, परिवार और दोस्तों के संपर्क में रहना और अपनी भावनाएं साझा करना मानसिक स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है।

एक मजबूत सोशल सर्कल व्यक्ति को भावनात्मक सहारा देने के साथ तनाव को संभालने में भी मदद कर सकता है। इसलिए खुद को लगातार अकेला रखने के बजाय परिवार, दोस्तों या भरोसेमंद लोगों के साथ समय बिताना जरूरी है।

हार्ट को हेल्दी रखने के लिए क्या करें?

दिल को स्वस्थ रखने के लिए तनाव को नियंत्रित करने के साथ-साथ पूरी जीवनशैली पर ध्यान देना जरूरी है। रोजाना शारीरिक गतिविधि को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। नियमित वॉक, हल्की एक्सरसाइज या अपनी क्षमता के अनुसार कोई अन्य व्यायाम किया जा सकता है।

खानपान में भी सावधानी बरतें। बहुत ज्यादा तला-भुना, जंक और अत्यधिक प्रोसेस्ड फूड खाने से बचें। संतुलित आहार में फल, सब्जियां, साबुत अनाज और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थ शामिल किए जा सकते हैं।

इसके अलावा पर्याप्त नींद लेना और आराम के लिए समय निकालना भी जरूरी है। मेडिटेशन, गहरी सांस लेने की एक्सरसाइज और पसंदीदा गतिविधियों के लिए समय निकालकर तनाव को कम करने में मदद मिल सकती है।

अगर लगातार सीने में दर्द, सांस फूलना, असामान्य धड़कन या अन्य गंभीर लक्षण महसूस हों तो इसे नजरअंदाज न करें और डॉक्टर से सलाह लें। स्वस्थ दिल के लिए केवल बीमारी से बचना ही नहीं, बल्कि तनावमुक्त और सक्रिय जीवनशैली अपनाना भी बेहद जरूरी है।

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