ईरान ने स्पष्ट किया है कि दोहा जाने वाला उसका प्रतिनिधिमंडल अमेरिका के साथ बातचीत नहीं करेगा। तेहरान के मुताबिक, यह यात्रा केवल 14 सूत्रीय समझौता ज्ञापन के प्रावधानों, विशेष रूप से अनुच्छेद-11 के क्रियान्वयन की समीक्षा के लिए की जा रही है।
तेहरान/दोहा: अमेरिका और ईरान के बीच कतर की राजधानी दोहा में संभावित बातचीत को लेकर विरोधाभासी बयान सामने आए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और व्हाइट हाउस ने दावा किया है कि दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच उच्चस्तरीय बैठक होगी। हालांकि, ईरान के विदेश मंत्रालय ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि आने वाले दिनों में अमेरिकी पक्ष के साथ किसी भी स्तर पर कोई बातचीत निर्धारित नहीं है।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगई ने प्रेस वार्ता में कहा कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल का दोहा दौरा अमेरिकी अधिकारियों की यात्रा से जुड़ा हुआ नहीं है। उन्होंने कहा, “आने वाले दिनों में अमेरिकी पक्ष के साथ किसी भी स्तर पर हमारी कोई वार्ता तय नहीं है।” बगई के मुताबिक, ईरानी विशेषज्ञों का प्रतिनिधिमंडल अमेरिका-ईरान समझौता ज्ञापन यानी MoU के प्रावधानों के क्रियान्वयन की समीक्षा करने के लिए कतर जा रहा है।
अनुच्छेद-11 पर होगी चर्चा
ईरानी विदेश मंत्रालय ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल मुख्य रूप से MoU के अनुच्छेद-11 को लागू करने की प्रक्रिया की समीक्षा करेगा। यह प्रावधान ईरान की फ्रीज या प्रतिबंधित संपत्तियों और धनराशि तक पहुंच से संबंधित है। ईरान चाहता है कि आवश्यक लाइसेंस और अनुमतियां जारी की जाएं, ताकि वह सहमति से तय प्रक्रिया के तहत अपने फंड का इस्तेमाल कर सके।
बगई ने यह भी स्पष्ट किया कि दोनों देश अभी व्यापक और अंतिम समझौते पर औपचारिक बातचीत के चरण में नहीं पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि 14 सूत्रीय MoU के अनुच्छेद-13 के अनुसार, अंतिम समझौते पर बातचीत तभी शुरू हो सकती है, जब अनुच्छेद 1, 4, 5, 10 और 11 के तहत निर्धारित उपायों का क्रियान्वयन शुरू हो जाए और लगातार जारी रहे।
अमेरिका ने बैठक होने का किया दावा
दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि ईरान ने स्वयं बैठक का अनुरोध किया है और यह बैठक दोहा में होगी। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने भी कहा कि अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रंप के वरिष्ठ सलाहकार जारेड कुशनर उच्चस्तरीय बैठकों के लिए कतर जाएंगे। अमेरिका का कहना है कि इन बैठकों के साथ तकनीकी स्तर की चर्चाएं भी जारी रहेंगी।
हालांकि, ईरान ने अमेरिकी प्रतिनिधियों के साथ सीधे संपर्क या औपचारिक बैठक की पुष्टि नहीं की है। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी और ईरानी प्रतिनिधिमंडल कतर तथा पाकिस्तान के मध्यस्थों के साथ अलग-अलग बैठकें कर सकते हैं। इससे दोनों पक्षों के बीच अप्रत्यक्ष संवाद की संभावना बनी हुई है, लेकिन प्रत्यक्ष बातचीत को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है।
यह घटनाक्रम हॉर्मुज जलडमरूमध्य में हाल में बढ़े तनाव और दोनों पक्षों की सैन्य कार्रवाइयों के बाद सामने आया है। फिलहाल अमेरिका बैठक होने का दावा कर रहा है, जबकि ईरान का कहना है कि आवश्यक प्रावधान लागू होने के बाद ही अंतिम समझौते पर औपचारिक वार्ता शुरू की जाएगी।

