Indian Premier League 2026 में Punjab Kings की शुरुआत बेहद शानदार रही थी, लेकिन अब टीम लगातार हार की वजह से मुश्किलों में घिरती नजर आ रही है। कप्तान Shreyas Iyer की अगुवाई वाली पंजाब किंग्स ने अपने शुरुआती सात मुकाबलों में 13 अंक जुटाकर सभी को प्रभावित किया था। ऐसा लग रहा था कि टीम इस बार प्लेऑफ की सबसे मजबूत दावेदारों में शामिल होगी, लेकिन अब लगातार चार हार ने टीम की स्थिति खराब कर दी है।
आईपीएल 2026 के 55वें मुकाबले में पंजाब किंग्स को Delhi Capitals के खिलाफ करारी हार का सामना करना पड़ा। इस मैच में पंजाब ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 210 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया था। इतने विशाल स्कोर के बावजूद टीम जीत हासिल नहीं कर सकी और दिल्ली कैपिटल्स ने छह गेंद शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया। इस हार के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर काफी निराश नजर आए।
मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब उनसे पूछा गया कि क्या 210 रन का स्कोर पर्याप्त नहीं था, तो उन्होंने साफ तौर पर कहा कि यह स्कोर जीत के लिए काफी था। अय्यर ने कहा कि उन्हें तो ऐसा लग रहा था कि टीम ने जरूरत से करीब 30 रन ज्यादा बनाए हैं। उनके मुताबिक, हार की सबसे बड़ी वजह बल्लेबाजी नहीं बल्कि गेंदबाजी रही।
इस मुकाबले में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात को लेकर हुई कि अनुभवी स्पिनर Yuzvendra Chahal से एक भी ओवर गेंदबाजी क्यों नहीं कराई गई। मैच के दौरान फैंस और क्रिकेट विशेषज्ञ लगातार यह सवाल उठाते रहे कि जब विपक्षी बल्लेबाज तेजी से रन बना रहे थे, तब चहल को गेंद क्यों नहीं सौंपी गई। मैच खत्म होने के बाद श्रेयस अय्यर ने इस फैसले के पीछे की वजह भी बताई।
अय्यर ने कहा कि उनके मन में चहल को गेंदबाजी देने का विचार आया था, लेकिन पिच की स्थिति को देखते हुए उन्होंने यह फैसला नहीं लिया। कप्तान के अनुसार, धर्मशाला की पिच पर गेंद सीम हो रही थी और तेज गेंदबाजों को मदद मिल रही थी। इसी कारण उन्होंने अपने पेस अटैक पर ज्यादा भरोसा जताया। हालांकि, पंजाब के तेज गेंदबाज सही लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी करने में नाकाम रहे, जिसका फायदा दिल्ली के बल्लेबाजों ने उठाया।
श्रेयस अय्यर ने यह भी माना कि अगर गेंदबाज अनुशासित गेंदबाजी करते तो विकेट हासिल किए जा सकते थे और मैच पंजाब के पक्ष में जा सकता था। कप्तान की बातों से साफ झलक रहा था कि वह टीम की गेंदबाजी से काफी नाराज हैं।
अगर आंकड़ों पर नजर डालें तो श्रेयस अय्यर की बात काफी हद तक सही भी साबित होती है। धर्मशाला के इस मैदान पर आईपीएल इतिहास में पहली बार 200 से ज्यादा रन का लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल किया गया है। इससे पहले साल 2010 में यहां 193 रन का लक्ष्य चेज हुआ था, लेकिन अब दिल्ली कैपिटल्स ने 211 रन बनाकर नया रिकॉर्ड बना दिया।
लगातार चार हार के बाद पंजाब किंग्स की प्लेऑफ की राह मुश्किल होती जा रही है। टीम को अब बाकी मुकाबलों में शानदार वापसी करनी होगी। दूसरी ओर, कप्तान श्रेयस अय्यर पर भी रणनीति को लेकर सवाल उठने लगे हैं। आने वाले मैचों में यह देखना दिलचस्प होगा कि पंजाब किंग्स अपनी कमजोरियों से कैसे उबरती है और क्या टीम दोबारा जीत की राह पकड़ पाती है या नहीं।

