22 Apr 2026, Wed

इंटेलिजेंस रिपोर्ट ने ट्रंप के दावों को किया ध्वस्त, बताया ‘ईरान के पास अब भी मौजूद हैं हजारों मिसाइलें’

ईरान की सैन्य क्षमता पर नया खुलासा: अमेरिकी दावों के बावजूद अब भी हजारों मिसाइलें और ड्रोन मौजूद

अमेरिका और उसके सहयोगी लगातार यह दावा करते रहे हैं कि ईरान की सैन्य क्षमता को भारी हमलों के जरिए काफी हद तक कमजोर कर दिया गया है। लेकिन हाल ही में सामने आई एक नई इंटेलिजेंस रिपोर्ट ने इन दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, तमाम हवाई हमलों और सैन्य कार्रवाई के बावजूद ईरान की सैन्य ताकत अब भी काफी हद तक सुरक्षित बनी हुई है।

अमेरिकी दावों के उलट सामने आया सच

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रक्षा विभाग के अधिकारियों की ओर से कई बार यह कहा गया कि ईरान की वायुसेना लगभग खत्म हो चुकी है और उसकी नौसेना को भी बड़ा नुकसान पहुंचा है। लेकिन नई खुफिया रिपोर्ट इन दावों से पूरी तरह असहमत नजर आती है।

ईरान के पास अब भी भारी हथियारों का जखीरा

डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी के निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल जेम्स एडम्स के अनुसार, ईरान के पास अभी भी हजारों मिसाइलें और बड़ी संख्या में घातक वन-वे अटैक ड्रोन मौजूद हैं। यह हथियार मध्य पूर्व में तैनात अमेरिकी सैन्य ठिकानों और उसके सहयोगी देशों के लिए लगातार खतरा बने हुए हैं।

उन्होंने अमेरिकी संसद की ‘हाउस आर्म्ड सर्विसेज कमेटी’ को बताया कि भले ही ईरान की क्षमताओं पर कुछ असर पड़ा हो, लेकिन उसकी सैन्य ताकत पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।

इंटेलिजेंस रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

एक अन्य अमेरिकी खुफिया आकलन में भी यह बात सामने आई है कि ईरान के लगभग आधे मिसाइल लॉन्चर अब भी सुरक्षित हैं। इसके अलावा, उसके पास हजारों ड्रोन और मिसाइलों का बड़ा भंडार मौजूद है, जो किसी भी बड़े संघर्ष में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

यह रिपोर्ट पहले आई CNN की जांच की पुष्टि करती है, जिसमें कहा गया था कि कई हफ्तों तक लगातार हमलों के बावजूद ईरान की सैन्य क्षमता पूरी तरह नष्ट नहीं हो पाई है।

क्रूज मिसाइलें भी सुरक्षित

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि ईरान की तटीय सुरक्षा में तैनात क्रूज मिसाइलों का एक बड़ा हिस्सा अब भी सुरक्षित है। अमेरिका ने अपने हमलों में मुख्य रूप से तटीय ठिकानों को निशाना नहीं बनाया था, जिसके कारण ये मिसाइल सिस्टम अब भी सक्रिय हैं।

क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरा

विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान की बची हुई सैन्य क्षमता पश्चिम एशिया में तनाव को बनाए रख सकती है। खासकर अमेरिकी ठिकानों और सहयोगी देशों के लिए यह स्थिति एक बड़ा सुरक्षा जोखिम बनी हुई है।

निष्कर्ष

नई इंटेलिजेंस रिपोर्ट ने यह साफ कर दिया है कि ईरान की सैन्य ताकत को लेकर किए जा रहे दावे पूरी तरह सटीक नहीं हैं। भले ही उसे नुकसान हुआ हो, लेकिन उसकी मिसाइल और ड्रोन क्षमता अब भी उसे एक मजबूत क्षेत्रीय शक्ति बनाए हुए है।

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