शेयर बाजार में भारी गिरावट: भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई चिंता
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के ताजा बयान और वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर गुरुवार, 9 अप्रैल को भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दिया। निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ने के चलते बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई।
सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट
कारोबार के अंत में BSE Sensex 931.25 अंकों की गिरावट के साथ 76,631.65 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं NSE Nifty 50 भी 222.25 अंक टूटकर 23,755.10 पर आ गया।
पिछले सत्र में आई तेजी के बाद इस गिरावट ने निवेशकों को झटका दिया। बाजार में यह कमजोरी मुख्य रूप से वैश्विक अनिश्चितताओं और बढ़ते तनाव के कारण देखी गई।
पश्चिम एशिया का तनाव बना बड़ा कारण
पश्चिम एशिया में जारी तनाव ने बाजार पर दबाव बढ़ा दिया है। ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते टकराव और लेबनान में जारी हमलों के बीच हालात और बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है।
Donald Trump ने भी अपने बयान में कहा कि जब तक वास्तविक समझौता पूरी तरह लागू नहीं होता, तब तक अमेरिकी सेना ईरान और उसके आसपास तैनात रहेगी। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि शर्तों का पालन नहीं किया गया, तो सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।
इस अनिश्चितता ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है और वे जोखिम लेने से बच रहे हैं।
ब्रेंट क्रूड की कीमतों में उछाल
कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी भी बाजार गिरावट का एक बड़ा कारण रही। Brent Crude Oil की कीमत 2.09% बढ़कर 96.73 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई।
विशेषज्ञों के अनुसार, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भारत के लिए नकारात्मक संकेत हैं। इससे महंगाई बढ़ सकती है, राजकोषीय घाटा बढ़ सकता है और आर्थिक विकास पर भी असर पड़ सकता है।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने भी बाजार पर दबाव बढ़ाया है। बुधवार को उन्होंने करीब 2,811.97 करोड़ रुपये के शेयरों की बिकवाली की।
लगातार हो रही बिकवाली से बाजार में लिक्विडिटी कम हो रही है, जिससे निवेशकों का भरोसा और कमजोर हो रहा है।
रुपये में गिरावट
भारतीय रुपया भी कमजोर हुआ है और डॉलर के मुकाबले 17 पैसे गिरकर 92.71 के स्तर पर पहुंच गया। वैश्विक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं ने रुपये पर दबाव डाला है।
बाजार में टॉप गेनर और लूजर
गिरावट के बावजूद कुछ शेयरों में तेजी भी देखने को मिली। Hindalco Industries, Bajaj Auto, Bharat Electronics Limited, Dr. Reddy’s Laboratories और NTPC टॉप गेनर्स में शामिल रहे।
वहीं, IndiGo, Jio Financial Services, Larsen & Toubro, Shriram Finance और Eternal Limited जैसे शेयर टॉप लूजर्स में रहे।
विशेषज्ञों की राय
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता नहीं आती, तब तक बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है। निवेशकों को सतर्क रहने और लंबी अवधि के नजरिए से निवेश करने की सलाह दी जा रही है।
निष्कर्ष
भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने मिलकर भारतीय शेयर बाजार को प्रभावित किया है। BSE Sensex और NSE Nifty 50 में आई यह गिरावट इस बात का संकेत है कि वैश्विक घटनाएं घरेलू बाजार पर कितना गहरा असर डाल सकती हैं। आने वाले दिनों में बाजार की दिशा काफी हद तक अंतरराष्ट्रीय हालात पर निर्भर करेगी।

