पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार की अनिश्चितता के बीच सोमवार को सोने-चांदी की कीमतों में तेजी दर्ज की गई। MCX पर चांदी ₹2.20 लाख प्रति किलोग्राम के करीब पहुंच गई।
मध्य-पूर्व में तेजी से बदल रहे हालात के बीच भारतीय वायदा बाजार में सोमवार को सोने और चांदी की कीमतों में बढ़त देखने को मिली। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर चांदी की कीमत कारोबार के दौरान पिछले बंद भाव के मुकाबले करीब ₹4,000 प्रति किलोग्राम तक बढ़ गई। सोने के अगस्त वायदा भाव में भी तेजी दर्ज की गई।
हाल के दिनों में सोना करीब ₹1.41 लाख प्रति 10 ग्राम और चांदी लगभग ₹2.20 लाख प्रति किलोग्राम के आसपास कारोबार कर रही है। वैश्विक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और ब्याज दरों को लेकर बदलती उम्मीदों के कारण सर्राफा बाजार में अस्थिरता बनी हुई है।
₹1.41 लाख के पार पहुंचा सोना
सोमवार सुबह करीब 11 बजे MCX पर 5 अगस्त की डिलीवरी वाला सोना ₹257 यानी 0.18 प्रतिशत की बढ़त के साथ ₹1,41,163 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था।
सोने ने दिन के कारोबार की शुरुआत ₹743 की तेजी के साथ ₹1,41,649 प्रति 10 ग्राम पर की थी। पिछले सप्ताह शुक्रवार को इसका भाव ₹1,40,906 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। कारोबार के दौरान सोने ने ₹1,41,649 का उच्चतम और ₹1,41,081 प्रति 10 ग्राम का निचला स्तर छुआ। उपलब्ध बाजार आंकड़े भी अगस्त गोल्ड फ्यूचर्स के शुरुआती भाव, पिछले बंद भाव और दिन के निचले स्तर की पुष्टि करते हैं।
चांदी में दिखी जोरदार तेजी
सोने के मुकाबले चांदी में ज्यादा मजबूत बढ़त देखने को मिली। MCX पर 4 सितंबर की डिलीवरी वाली चांदी ₹1,987 यानी 0.92 प्रतिशत की तेजी के साथ ₹2,18,390 प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी।
चांदी ने ₹2,796 की बढ़त के साथ ₹2,19,199 प्रति किलोग्राम पर कारोबार शुरू किया था। पिछले सप्ताह शुक्रवार को यह ₹2,16,403 प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।
कारोबार के दौरान चांदी का भाव ₹2,20,408 प्रति किलोग्राम के उच्चतम स्तर तक पहुंच गया। इसका दिन का निचला स्तर ₹2,18,322 प्रति किलोग्राम रहा। इस तरह इंट्राडे कारोबार में चांदी पिछले बंद भाव से करीब ₹4,005 प्रति किलोग्राम तक महंगी हो गई।
अंतरराष्ट्रीय घटनाओं से बाजार में अस्थिरता
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम एशिया का तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, डॉलर की चाल और वैश्विक ब्याज दरों से जुड़ी उम्मीदें सोने-चांदी की कीमतों को प्रभावित कर रही हैं। हाल में तेल की तेजी के कारण महंगाई और लंबे समय तक ऊंची ब्याज दरें बने रहने की आशंका बढ़ी है, जिससे कीमती धातुओं में तेज उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है।
निवेशकों की नजर अमेरिका के साप्ताहिक बेरोजगारी दावों, शुरुआती पीएमआई आंकड़ों तथा यूरोप और चीन की मौद्रिक नीतियों पर रहेगी। इन संकेतकों से वैश्विक ब्याज दरों की आगे की दिशा का अनुमान मिल सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा तेजी के बावजूद सोने और चांदी में मुनाफावसूली का दबाव आ सकता है। इसलिए निवेशकों को बाजार की अस्थिरता को ध्यान में रखते हुए सोच-समझकर फैसला लेने की सलाह दी जा रही है।

