हफ्ते के पहले कारोबारी दिन घरेलू शेयर बाजार दबाव में खुला। बैंकिंग शेयरों में भारी बिकवाली के कारण सेंसेक्स और निफ्टी में तेज गिरावट दर्ज की गई।
भारतीय शेयर बाजार ने सोमवार, 20 जुलाई 2026 को कमजोर शुरुआत की। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स पिछले बंद स्तर 78,151.45 पर बिना किसी बदलाव के खुला, लेकिन कारोबार शुरू होने के कुछ ही समय बाद इसमें करीब 500 अंकों की गिरावट आ गई। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 इंडेक्स 144.25 अंक यानी 0.59 प्रतिशत टूटकर 24,190.05 पर खुला।
बाजार में गिरावट का सबसे ज्यादा दबाव बैंकिंग और वित्तीय कंपनियों के शेयरों पर दिखाई दिया। देश के कई प्रमुख निजी बैंकों ने सप्ताहांत में अपने जून तिमाही के वित्तीय परिणाम जारी किए थे। इन नतीजों में मार्जिन से जुड़ी चिंताओं के बाद निवेशकों ने बैंकिंग शेयरों में बिकवाली शुरू कर दी।
HDFC Bank के शेयर में भारी गिरावट
सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में HDFC Bank का शेयर सबसे ज्यादा दबाव में रहा। शुरुआती कारोबार में बैंक का शेयर करीब 4.13 प्रतिशत की गिरावट के साथ खुला और बाद में नुकसान लगभग पांच प्रतिशत तक पहुंच गया। बैंक के नेट इंटरेस्ट मार्जिन में कमजोरी ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी, जबकि कर्ज और जमा में वृद्धि दर्ज की गई थी।
HDFC Bank के अलावा Axis Bank और Kotak Mahindra Bank के शेयरों पर भी दबाव देखने को मिला। दूसरी ओर, ICICI Bank के मजबूत तिमाही प्रदर्शन के बाद उसके शेयर में बढ़त दर्ज की गई। बैंकिंग शेयरों में आई कमजोरी का असर निफ्टी बैंक और वित्तीय सेवा सूचकांकों पर भी दिखाई दिया।
Tech Mahindra बना शुरुआती टॉप गेनर
गिरते बाजार के बीच आईटी कंपनी Tech Mahindra के शेयरों ने मजबूत शुरुआत की। सेंसेक्स में कंपनी का शेयर करीब 2.13 प्रतिशत की तेजी के साथ खुला। इसके अलावा ICICI Bank में 2.04 प्रतिशत, HCL Tech में 0.72 प्रतिशत और Reliance Industries में 0.64 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली।
Sun Pharma, Infosys, Trent, TCS, Bharti Airtel, SBI, NTPC, Larsen & Toubro, Power Grid, UltraTech Cement, Tata Steel, ITC, Titan और Adani Ports के शेयर भी शुरुआती कारोबार में हरे निशान में रहे।
सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से 18 शेयर बढ़त और 11 शेयर गिरावट के साथ खुले, जबकि Bajaj Finserv का शेयर बिना किसी बदलाव के खुला। निफ्टी 50 में 27 कंपनियों के शेयर हरे और 23 कंपनियों के शेयर लाल निशान में कारोबार की शुरुआत करते दिखाई दिए।
कच्चे तेल और वैश्विक तनाव का भी दबाव
शेयर बाजार पर बैंकिंग नतीजों के साथ पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी भी दबाव बना रही है। महंगा कच्चा तेल भारत में महंगाई, आयात लागत और रुपये की स्थिति को प्रभावित कर सकता है। कमजोर वैश्विक संकेतों और बढ़ती बॉन्ड यील्ड ने भी निवेशकों को सतर्क किया।
इससे पहले शुक्रवार को भारतीय बाजार मजबूत बढ़त के साथ बंद हुआ था। सेंसेक्स 78,151.45 और निफ्टी 24,334.30 पर बंद हुआ था। आईटी और वित्तीय शेयरों में खरीदारी से पिछले सत्र में बाजार को समर्थन मिला था।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले सत्रों में कंपनियों के तिमाही नतीजे, वैश्विक तनाव, कच्चे तेल की चाल और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां बाजार की दिशा तय करेंगी। निवेशकों को मौजूदा उतार-चढ़ाव के बीच सावधानी से फैसले लेने की सलाह दी जा रही है।

