नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय हवाई यातायात का बड़ा केंद्र बनाने की दिशा में अहम कदम उठाया गया है। एयरपोर्ट टैरिफ रेगुलेटर AERA ने यहां से नई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू करने वाली एयरलाइंस के लिए लैंडिंग चार्ज में बड़ी छूट को मंजूरी दी है। इस फैसले का उद्देश्य एयरलाइंस को नए इंटरनेशनल रूट शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करना और मुंबई क्षेत्र में बढ़ते एयर ट्रैफिक के दबाव को कम करना है।
पहले साल लैंडिंग फीस पूरी तरह माफ
नई अंतरराष्ट्रीय सेवाएं शुरू करने वाली एयरलाइंस को शुरुआती अवधि में बड़ी राहत मिलेगी। नियम के तहत शॉर्ट-हॉल और लॉन्ग-हॉल दोनों तरह की नई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए पहले साल लैंडिंग चार्ज पूरी तरह माफ रहेगा। इसका मतलब है कि पात्र एयरलाइंस को इन उड़ानों के लिए विमान उतारने पर कोई लैंडिंग फीस नहीं देनी होगी।
शॉर्ट-हॉल उड़ानों में 5,000 किलोमीटर तक की दूरी वाले अंतरराष्ट्रीय रूट शामिल होंगे। वहीं, 5,000 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तय करने वाले रूट लॉन्ग-हॉल श्रेणी में आएंगे।
दूसरे और तीसरे साल भी मिलेगी राहत
लैंडिंग चार्ज में राहत सिर्फ पहले साल तक सीमित नहीं रहेगी। नई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए दूसरे साल लैंडिंग चार्ज में 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। इसके अलावा लॉन्ग-हॉल इंटरनेशनल सेवाओं को तीसरे साल भी 25 प्रतिशत की छूट का लाभ मिलेगा।
इससे एयरलाइंस को नए अंतरराष्ट्रीय रूट पर संचालन शुरू करने और शुरुआती दौर में लागत नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है। खासतौर पर उन कंपनियों के लिए यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जो किसी नए एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी शुरू करने की योजना बना रही हैं।
मौजूदा रूट पर अतिरिक्त उड़ानों को भी फायदा
राहत केवल नए इंटरनेशनल रूट शुरू करने वाली उड़ानों तक सीमित नहीं है। पहले से संचालित अंतरराष्ट्रीय रूट पर अतिरिक्त उड़ानें जोड़ने वाली एयरलाइंस को भी लैंडिंग चार्ज में छूट मिलेगी।
पहले साल अतिरिक्त शॉर्ट-हॉल अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए लैंडिंग चार्ज में 50 प्रतिशत की छूट होगी। वहीं, लॉन्ग-हॉल सेवाओं के लिए पहले साल यह छूट 75 प्रतिशत तक होगी। इससे मौजूदा अंतरराष्ट्रीय रूट पर उड़ानों की संख्या बढ़ाने का रास्ता भी आसान हो सकता है।
इंटरनेशनल कार्गो सेवाओं को भी बड़ी राहत
नवी मुंबई एयरपोर्ट से विदेशी कार्गो कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए भी विशेष प्रोत्साहन दिया गया है। अंतरराष्ट्रीय फ्रेटर विमानों के लैंडिंग चार्ज में पहले साल 90 प्रतिशत की बड़ी छूट मिलेगी। दूसरे साल यह छूट 50 प्रतिशत रहेगी।
इसका असर एयर कार्गो नेटवर्क के विस्तार पर भी पड़ सकता है। ज्यादा कार्गो उड़ानों से व्यापारिक सामान की आवाजाही को बढ़ावा मिलने और एयरपोर्ट की अंतरराष्ट्रीय उपयोगिता बढ़ने की उम्मीद है।
मुंबई के एयर ट्रैफिक का दबाव घटाने की कोशिश
नवी मुंबई एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय हवाई संपर्क के प्रमुख केंद्र के तौर पर विकसित करने की योजना है। लैंडिंग चार्ज में यह राहत एयरलाइंस को आकर्षित करने में मदद कर सकती है। नए रूट और अतिरिक्त उड़ानों के बढ़ने से यात्रियों को ज्यादा अंतरराष्ट्रीय विकल्प मिल सकते हैं।
साथ ही, मुंबई क्षेत्र के मौजूदा हवाई यातायात का कुछ हिस्सा नवी मुंबई की ओर स्थानांतरित होने से एयर ट्रैफिक को बेहतर तरीके से बांटने में मदद मिल सकती है। कुल मिलाकर, यह फैसला नवी मुंबई एयरपोर्ट की अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी और कार्गो नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

