ईरान-अमेरिका तनाव फिर बढ़ा, ट्रंप बोले- ‘सीजफायर टूटा तो दुनिया देखेगी जवाब’
Donald Trump ने दावा किया है कि ईरान और अमेरिका के बीच लागू सीजफायर अभी भी बरकरार है, हालांकि हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव काफी बढ़ गया है। खासतौर पर ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ के पास अमेरिकी युद्धपोतों पर हुए हमलों के बाद हालात बेहद संवेदनशील हो गए हैं। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर संघर्ष विराम टूटा तो अमेरिका की प्रतिक्रिया “स्पष्ट और बड़े स्तर” पर दिखाई देगी।
वॉशिंगटन डीसी में मीडिया से बातचीत करते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका किसी भी उकसावे का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, “अगर सीजफायर खत्म हुआ तो लोगों को अलग से बताने की जरूरत नहीं पड़ेगी, दुनिया खुद उसका असर देख लेगी।” ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ रहा है और वैश्विक स्तर पर चिंता गहराती जा रही है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ा सैन्य तनाव
अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी United States Central Command के मुताबिक, अमेरिकी नौसेना के तीन युद्धपोतों पर ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ के पास हमला किया गया। इनमें USS Truxtun (DDG-103), USS Rafael Peralta (DDG-115) और USS Mason (DDG-87) शामिल थे।
अमेरिका का दावा है कि इन जहाजों को मिसाइलों, ड्रोन और छोटी सैन्य नौकाओं से निशाना बनाया गया। हालांकि अमेरिकी सेना ने सभी हमलों को नाकाम कर दिया और किसी भी युद्धपोत को नुकसान नहीं पहुंचा। CENTCOM ने कहा कि अमेरिकी डिफेंस सिस्टम ने अधिकांश मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही मार गिराया।
ट्रंप का दावा- ‘हमने दिया कड़ा जवाब’
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर कहा कि अमेरिकी नौसेना ने बेहद तेजी और मजबूती से जवाबी कार्रवाई की। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी हमलों में ईरानी हमलावरों को भारी नुकसान पहुंचा और कई छोटी नावें तबाह कर दी गईं।
ट्रंप ने कहा, “उन्होंने हमें उकसाने की कोशिश की, लेकिन हमने उन्हें पूरी ताकत से जवाब दिया।” हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अभी बातचीत और समझौते के रास्ते पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं। उनके मुताबिक, “डील हो भी सकती है और नहीं भी, यह आने वाले दिनों पर निर्भर करेगा।”
दुनिया की नजरें मध्य पूर्व पर
‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है। यहां से रोजाना बड़ी मात्रा में कच्चे तेल और गैस की सप्लाई होती है। ऐसे में इस इलाके में बढ़ता तनाव वैश्विक अर्थव्यवस्था और तेल बाजार पर सीधा असर डाल सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच टकराव और बढ़ता है तो इसका प्रभाव पूरी दुनिया पर पड़ सकता है। फिलहाल दोनों देशों की ओर से आक्रामक बयानबाजी जारी है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय समुदाय तनाव कम करने की कोशिशों में जुटा हुआ है।

