10 Jun 2026, Wed

AC पर रोक, सरकारी वाहन आधे, ‘नो व्हीकल डे’ और वर्क फ्रॉम होम; वैश्विक संकट के बीच धामी सरकार का बड़ा फैसला

धामी कैबिनेट के बड़े फैसले: उत्तराखंड में लागू होंगे वर्क फ्रॉम होम, नो व्हीकल डे और EV पॉलिसी

Pushkar Singh Dhami, Uttarakhand Cabinet Decisions, No Vehicle Day, Work From Home Policy

वैश्विक स्तर पर जारी आर्थिक और ऊर्जा संकट के बीच केंद्र सरकार की अपील के बाद उत्तराखंड सरकार ने बड़े और अहम फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में राज्य में ईंधन बचत, पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा खपत कम करने के लिए कई नई नीतियों को मंजूरी दी गई है।

सरकार का कहना है कि रूस-यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया तनाव और वैश्विक सप्लाई चेन पर दबाव के कारण ईंधन, खाद्य पदार्थों और उर्वरकों की कीमतों पर असर पड़ा है। ऐसे में भारत सहित सभी राज्यों को संसाधनों के बेहतर उपयोग की दिशा में कदम उठाने की जरूरत है।


वर्क फ्रॉम होम को मिलेगा बढ़ावा

नई नीति के तहत सरकारी विभागों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठकों को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही निजी कंपनियों में भी वर्क फ्रॉम होम मॉडल को प्रोत्साहित किया जाएगा ताकि दफ्तर आने-जाने में होने वाले ईंधन खर्च को कम किया जा सके।


सप्ताह में एक दिन “नो व्हीकल डे”

कैबिनेट बैठक में सबसे बड़ा फैसला “No Vehicle Day” को लेकर लिया गया है। इसके तहत:

  • सप्ताह में एक दिन सरकारी और निजी वाहनों के उपयोग को कम करने की अपील की जाएगी
  • मुख्यमंत्री और मंत्रियों के काफिले में वाहनों की संख्या भी आधी की जाएगी
  • सरकारी कर्मचारी सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करेंगे

एक अधिकारी, एक वाहन नीति

सरकार ने निर्देश दिए हैं कि एक अधिकारी एक समय में केवल एक वाहन का उपयोग करेगा। जिन अधिकारियों के पास एक से अधिक विभाग हैं, उनके लिए भी वाहन उपयोग सीमित किया जाएगा। इसका उद्देश्य सरकारी स्तर पर ईंधन की खपत कम करना है।


AC उपयोग पर भी नियंत्रण की कोशिश

सरकारी और निजी भवनों में एयर कंडीशनर (AC) के उपयोग को सीमित करने की दिशा में भी कदम उठाए जाएंगे ताकि बिजली की खपत कम की जा सके और ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा मिले।


इलेक्ट्रिक वाहनों को मिलेगा बढ़ावा

राज्य सरकार ने ई-व्हीकल पॉलिसी को जल्द लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत:

  • नए सरकारी वाहनों में 50% इलेक्ट्रिक वाहन अनिवार्य होंगे
  • पूरे राज्य में EV चार्जिंग नेटवर्क को तेजी से विकसित किया जाएगा
  • इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने के लिए जनता को प्रोत्साहित किया जाएगा

उद्देश्य: ऊर्जा बचत और हरित उत्तराखंड

सरकार का मानना है कि इन फैसलों से न सिर्फ ईंधन और बिजली की बचत होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास को भी मजबूती मिलेगी। यह कदम भविष्य में राज्य को अधिक सतत और ऊर्जा-संवेदनशील बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

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