1 Jul 2026, Wed

शेयर बाजार ने हरे निशान में शुरू किया कारोबार, गिरावट के साथ खुले इन कंपनियों के शेयर

भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार, 1 जुलाई 2026 को नए महीने और वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही की शुरुआत मामूली बढ़त के साथ की। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 66.54 अंक यानी 0.09 प्रतिशत चढ़कर 76,545.21 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, एनएसई निफ्टी 50 ने 31.90 अंक यानी 0.13 प्रतिशत की तेजी के साथ 23,897.65 पर कारोबार शुरू किया। हालांकि, वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण निवेशकों का रुख सतर्क दिखाई दिया।

सोमवार और मंगलवार के कारोबारी सत्र में बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ था। मंगलवार, 30 जून को सेंसेक्स 249.70 अंक गिरकर 76,478.67 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 80.50 अंक टूटकर 23,865.75 के स्तर पर बंद हुआ। बुधवार को शुरुआती बढ़त के बावजूद बाजार में तेज उतार-चढ़ाव की आशंका बनी रही।

सेंसेक्स और निफ्टी के ज्यादातर शेयरों में तेजी

शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स की 30 में से 22 कंपनियों के शेयर हरे निशान में खुले। सात कंपनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि एचसीएल टेक का शेयर लगभग सपाट रहा। दूसरी ओर, निफ्टी 50 की 34 कंपनियों के शेयर बढ़त में, 13 शेयर गिरावट में और तीन शेयर बिना किसी बड़े बदलाव के कारोबार करते दिखाई दिए।

सेंसेक्स की कंपनियों में कोटक महिंद्रा बैंक सबसे मजबूत शेयरों में शामिल रहा। शुरुआती कारोबार में इसके शेयर में एक प्रतिशत से अधिक की तेजी दिखाई दी। अडाणी पोर्ट्स और टाइटन के शेयर भी एक प्रतिशत से ज्यादा चढ़े। महिंद्रा एंड महिंद्रा, टीसीएस और ट्रेंट में भी खरीदारी देखने को मिली।

इसके अलावा हिंदुस्तान यूनिलीवर, पावर ग्रिड, सन फार्मा, एशियन पेंट्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एनटीपीसी, टेक महिंद्रा, इन्फोसिस, भारतीय स्टेट बैंक, आईटीसी, टाटा स्टील और एक्सिस बैंक जैसे प्रमुख शेयर शुरुआती कारोबार में हरे निशान में रहे।

बजाज फिनसर्व और बैंकिंग शेयरों पर दबाव

बढ़त वाले बाजार में बजाज फिनसर्व सबसे कमजोर शेयरों में शामिल रहा। इसके अलावा एचडीएफसी बैंक के शेयर में भी शुरुआती गिरावट दर्ज की गई। आईसीआईसीआई बैंक, इंडिगो, भारती एयरटेल, लार्सन एंड टुब्रो और बजाज फाइनेंस के शेयर भी दबाव में कारोबार करते दिखाई दिए।

शुरुआती सेक्टोरल कारोबार में निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और निफ्टी रियल्टी इंडेक्स ने बेहतर प्रदर्शन किया और दोनों में करीब एक प्रतिशत की तेजी देखी गई। इसके विपरीत, मेटल शेयरों में दबाव रहा। एनएसई पर बाजार की चौड़ाई सकारात्मक रही, जहां करीब 1,678 शेयरों में तेजी और 581 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।

वैश्विक तनाव के कारण निवेशक सतर्क

बाजार पर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव, कच्चे तेल की कीमतों और कमजोर मानसून को लेकर चिंताओं का असर दिखाई दे रहा है। ब्रेंट क्रूड 73 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंचने के कारण भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए महंगाई और चालू खाते को लेकर चिंता बढ़ सकती है। कमजोर मानसून की आशंका ने भी निवेशकों को आक्रामक खरीदारी से दूर रखा है।

बाजार के ये आंकड़े शुरुआती कारोबार पर आधारित हैं और पूरे सत्र के दौरान इनमें बदलाव हो सकता है। निवेशकों की नजर अब वैश्विक घटनाक्रम, कच्चे तेल, विदेशी संस्थागत निवेशकों की गतिविधियों और कंपनियों के जून बिक्री आंकड़ों पर रहेगी।

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